
कोलकाता, 2 जून . पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले से तृणमूल कांग्रेस के एक और पूर्व विधायक को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. Police ने Tuesday को बताया कि बर्दवान दक्षिण के पूर्व विधायक खोकन दास के बाद अब कालना के पूर्व विधायक देबप्रसाद बाग को गिरफ्तार किया गया है.
Police के अनुसार, Monday रात नादनघाट थाने की टीम ने देबप्रसाद बाग के आवास पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया और Tuesday को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया.
पूर्व विधायक पर आरोप है कि उन्होंने Governmentी राहत सामग्री और युवाओं को वितरित किए जाने वाले खेलकूद उपकरण अपने घर में जमा कर रखे थे. बताया जा रहा है कि ये सामग्री जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के बजाय उनके निजी आवास में रखी गई थी.
Police अधिकारियों के मुताबिक, देबप्रसाद बाग से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि Governmentी सामग्री को घर में रखने का उद्देश्य क्या था और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल है.
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि देबप्रसाद बाग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष था. उनके जीवनशैली और संपत्ति को लेकर कई सवाल उठते रहे, लेकिन तत्कालीन Political परिस्थितियों के कारण लोग खुलकर सामने नहीं आते थे. राज्य में भाजपा Government के सत्ता में आने के बाद स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने शुरू कर दिए.
Monday रात Police और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के उनके घर पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार, Police के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद देबप्रसाद बाग और उनके परिवार के सदस्य काफी देर तक घर का दरवाजा बंद कर अंदर ही रहे. बाद में देर रात Police उन्हें हिरासत में लेकर थाने चली गई.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कालना-दो ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष प्रणब रॉय को भी Governmentी राहत सामग्री के वितरण में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
इसी मामले में पूर्व पर्बस्थली उत्तर विधायक तपन चटर्जी के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया गया था. जांच एजेंसियों का दावा है कि वहां से बड़ी मात्रा में Governmentी सामग्री बरामद हुई थी.
जांचकर्ताओं का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों में Governmentी योजनाओं और राहत सामग्री के वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं. हालांकि, Police की इस कार्रवाई और छापेमारी को लेकर जिला तृणमूल नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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डीएससी