पूर्व नक्सली भूपति ने बताया सरेंडर का कारण, हथियार छोड़ संविधान के हिसाब से काम करने की अपील की (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

गढ़चिरौली, 25 फरवरी . पूर्व Naxalite मल्लेजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू उर्फ भूपति ने Wednesday को समाचार एजेंसी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में अपने जीवन की कहानी साझा की.

उन्होंने बताया कि संगठन में शामिल होने के बाद उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां मिलीं. उन्होंने बताया, “मैं तेलंगाना से Maharashtra आया हूं. छत्तीसगढ़ में कभी ऑपरेट नहीं किया. जैसी जिम्मेदारी दी गई, वैसी निभाई. पहले से Maharashtra में ही हूं.”

उन्होंने सरेंडर करने का कारण बताते हुए कहा कि Naxalite आंदोलन में गलतियां हुईं. हमारी पार्टी ने गलतियां कीं. हमने अच्छा काम किया, लोगों का विश्वास जीता, लेकिन हथियारबंद रहने से लोग दूर हो गए. अब लोगों में जाना है, उनके मुद्दों की आवाज उठानी है, संविधान के हिसाब से काम करना है.”

भूपति ने कहा कि नक्सल का मुद्दा केंद्र Government का है. उन्होंने कहा, “केंद्र पिछले 25-30 साल से गाइड कर रहा है. अलग-अलग स्तर पर ऑपरेशन कमांड्स हैं. स्टेट्स को केंद्र से गाइडेंस मिलती है. Maharashtra में भी वैसा ही चलता है.”

उन्होंने Government की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “Maharashtra में एकल खिड़की योजनाएं हैं, छत्तीसगढ़ में पुनर्वास योजनाएं हैं. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग योजनाएं हैं.

सरेंडर के बाद भूपति ने कहा कि लीगल आइडेंटिटी बन रही है. आधार कार्ड प्रक्रिया में है. कुछ लोगों का बन गया. उसके बाद लोगों में जा सकते हैं.”

उन्होंने अंदर रहते हुए ही कैडरों से अपील की थी कि हथियार छोड़ें. हथियार से संघर्ष नहीं कर सकते. जनता से दूर हो गए हैं. संविधान के तहत काम करें. बाहर आने के बाद भी यही संदेश दे रहा हूं.”

उन्होंने हाल ही में राज रेड्डी और देवजी जैसे सीनियर लीडर्स के सरेंडर का जिक्र किया और कहा, “Jharkhand में भी लोग बचे हैं. अच्छा है, वे आएं. मैं पोलिटिकल ब्यूरो मेंबर के तौर पर अपील करता हूं कि बाहर आइए, जनता के साथ रहिए, संविधान के तहत काम कीजिए.”

भूपति ने कहा कि बदलती हकीकत में सशस्त्र संघर्ष व्यावहारिक नहीं रहा. डॉग्मा में फंसे नहीं रह सकते. लोगों के साथ रहकर काम करना है.

बता दें कि भूपति, जो सीपीआई (माओवादी) के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी सदस्य थे, ने 43 सालों तक संगठन में काम किया. भूपति ने 15 अक्टूबर 2025 को Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के सामने एके-47 सहित अन्य हथियार सौंपे और 60 से अधिक कैडरों के साथ सरेंडर किया. यह सरेंडर गढ़चिरौली Police मुख्यालय में हुआ, जहां 54 हथियार (7 एके-47, 9 आईएनएसएएस राइफल्स सहित) जमा किए गए. भूपति पर 6 करोड़ रुपए का इनाम था.

यह सरेंडर नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता है. गढ़चिरौली में पिछले साल कई सरेंडर हुए हैं, लेकिन भूपति का सरेंडर सबसे बड़ा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 तक नक्सलवाद मुक्त India का लक्ष्य रखा है. Maharashtra Government की सख्त कार्रवाई, विकास योजनाएं और पुनर्वास नीतियां सरेंडर बढ़ा रही हैं.

एससीएच/डीकेपी

Leave a Comment