
New Delhi, 20 अप्रैल . अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शपूर जादरान New Delhi स्थित एक अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में गंभीर हालत में भर्ती हैं. वह हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (एचएलएच) नामक एक दुर्लभ और जानलेवा इम्यून डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं.
साल 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे और 36 टी20 मैच खेलने वाले जादरान स्टेज-4 के एचएलएच के साथ आईसीयू में हैं. इस स्थिति में, रोगी को बहुत ज्यादा सूजन (हाइपर-इन्फ्लेमेशन) रहती है, जिससे शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचता है. इनमें बोन मैरो, लिवर, स्प्लीन और लिम्फ नोड्स शामिल हैं.
उनके छोटे भाई गमाई जादरान ने बताया है कि शपूर को पिछले साल अक्टूबर में पहली बार तबीयत खराब महसूस हुई थी, जिसके बाद उन्हें India में इलाज करवाने की सलाह दी गई. राशिद खान और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के चेयरमैन मीरवाइस अशरफ के सहयोग से, शपूर का वीजा जल्दी से बन गया और 18 जनवरी को उन्हें New Delhi के अस्पताल में भर्ती कराया गया.
‘ईएसपीएनक्रिइन्फो’ के अनुसार, गमाई ने कहा, “यह एक बहुत गंभीर संक्रमण था. उनका पूरा शरीर संक्रमित है, जिसमें टीबी (तपेदिक) भी शामिल था. यह उनके दिमाग तक भी फैल गया था, जिसका पता एमआरऐई और सीटी स्कैन के बाद चला.”
मीरवाइस अशरफ ने आईसीसी के चेयरमैन जय शाह से शपूर को लेकर बात की थी. दूसरी ओर, राशिद ने फ्रेंचाइजी सर्किट में अपने परिचितों से संपर्क किया, जिसमें Gujarat टाइटंस भी शामिल है. जब इस साल New Delhi में अफगानिस्तान का मेंस टी20 वर्ल्ड कप मैच था, तब राशिद ने शपूर से मुलाकात भी की थी.
आईपीएल 2026 में Mumbai इंडियंस की तरफ से खेल रहे स्पिनर एएम गजनफर 3 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में मैच से एक दिन पहले शपूर से मिलने पहुंचे थे.
पूर्व कप्तान असगर अफगान, शपूर की मदद के लिए Dubai और दिल्ली के बीच लगातार आना-जाना कर रहे हैं, जबकि राशिद खान और अन्य अफगान खिलाड़ी डॉक्टर्स और परिवार के संपर्क में बने हुए हैं. शुरुआती सुधार के बावजूद उनकी हालत दोबारा संक्रमण, डेंगू और लाल रक्त कोशिकाओं की गंभीर कमी के कारण बिगड़ गई. मार्च के अंत में बोन मैरो टेस्ट से शपूर में चौथे चरण के हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (एचएलएच) की पुष्टि हुई.
गमाई जादरान ने कहा, “डॉक्टर ने बताया कि हम नियमित जांच के लिए आते रहें. वह करीब 20 दिन तक बेहतर महसूस कर रहे थे, जिसके बाद दोबारा संक्रमण हो गया और उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उन्हें बुखार शुरू हुआ और फिर डेंगू पॉजिटिव पाए गए. उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर थी क्योंकि लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या काफी कम हो गई थी. उनमें ज्यादा ताकत नहीं है. हमें उम्मीद है कि वह हर दिन बेहतर होंगे. हाल ही में दिए गए स्टेरॉयड असर करते दिख रहे हैं, जिससे हमें नई उम्मीद मिली है.”
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आरएसजी