
New Delhi, 2 जून . केंद्र Government ने महंगाई ट्रेक करने के लिए Tuesday को कई बड़े बदलाव किए हैं. इसमें थोक मल्यू सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) बास्केट में वस्तुओं की संख्या बढ़ाई गई है. साथ ही, पीपीआई को लॉन्च करने का ऐलान किया है.
Government के इस कदम का उद्देश्य महंगाई मापन में सुधार करना और उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है.
Government ने डब्ल्यूपीआई के लिए आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 कर दिया है. यह 15 जून को आने वाले डब्ल्यूपीआई डेटा से लागू हो जाएगा. अब तक आधार वर्ष 2011-12 था.
Government ने महंगाई का सटीक आकलन के लिए डब्ल्यूपीआई बास्केट में वस्तुओं की संख्या को बढ़कर 957 कर दिया है, जो कि पहले 697 थी.
नए वस्तुओं में Government ने इलेक्ट्रिसिटी ग्रुप के तहत सोलर और विंड जैसे नए ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया है. इसके अलावा, परमाणु बिजली को भी इस सूची में शामिल किया गया है.
Government ने बयान में कहा कि कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को ‘प्राथमिक वस्तुओं’ से हटाकर ‘ईंधन और विद्युत खंड’ में स्थानांतरित कर दिया गया है. इस पुनर्गठन से बेहतर तालमेल स्थापित होगा, क्योंकि इस समूह में पहले से ही कोयला, बिजली और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे अन्य प्रमुख ईंधन शामिल हैं.
बयान में आगे कहा गया है कि भार निर्धारण के लिए बेहतर कार्यप्रणाली, बेहतर गणना कार्यप्रणाली और लापता मूल्य डेटा को भरने के लिए बेहतर विधि नई डब्ल्यूपीआई सीरीज में शामिल की गई अन्य विशेषताएं हैं.
इसके साथ, Government ने डब्ल्यूपीआई के साथ पहली बार प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) लॉन्च करने का ऐलान किया है. यह आने वाले समय में डब्ल्यूपीआई की जगह लेगा.
पीपीआई आउटपुट, इनपुट और मुख्य सर्विस सेक्टर्स को कवर करेगा.
वहीं, सर्विस पीपीआई में बैंकिंग, इंश्योरेंस, रेलवे, टेलीकॉम और एयर ट्रैवल शामिल होंगे.
Government के मुताबिक, डब्ल्यूपीआई और पीपीआई को मासिक आधार पर और सर्विस पीपीआई को तिमाही आधार पर जारी किया जाएगा. डब्ल्यूपीआई और पीपीआई को अगले पांच वर्ष तक एक साथ जारी किया जाएगा.
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एबीएस