
jaipur, 12 अगस्त . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Wednesday को jaipur में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में हिस्सा लेंगी. India की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह महत्वपूर्ण बैठक वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से हो रही है.
Rajasthan की राजधानी jaipur के होटल रामबाग पैलेस में आयोजित इस बैठक की शुरुआत Wednesday सुबह 11:15 बजे होगी, जिसमें ब्रिक्स समूह के सभी 11 सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर भाग लेंगे. बैठक के दौरान आर्थिक विकास, वित्तीय उदारीकरण, जोखिम प्रबंधन और वैश्विक वित्तीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी Tuesday देर रात jaipur पहुंच गए. उद्घाटन सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं और केंद्रीय बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे.
jaipur पहुंचने पर वित्त मंत्री का स्वागत Rajasthan की उपChief Minister दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया.
यह बैठक Thursday दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, निवेश, वित्तीय सहयोग और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने मौजूद अवसरों एवं जोखिमों पर विचार-विमर्श करेंगे.
बैठक के साथ-साथ विदेशी प्रतिनिधियों के लिए Rajasthan की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का भी विशेष कार्यक्रम रखा गया है. Wednesday शाम 5 बजे सभी प्रतिनिधि jaipur सिटी पैलेस का दौरा करेंगे, जहां उनके स्वागत में Rajasthan की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है.
गौरतलब है कि ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की वार्षिक बैठक की शुरुआत लगभग 18 वर्ष पहले वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में हुई थी. समय के साथ यह मंच वैश्विक आर्थिक और वित्तीय चुनौतियों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है.
यह दूसरी बार है जब jaipur इस बैठक की मेजबानी कर रहा है. इससे पहले 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी यह बैठक jaipur में आयोजित हुई थी. उस समय आर्थिक पुनरुद्धार, टीकाकरण, डिजिटल स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना, वित्तीय समावेशन और यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे थे.
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डीबीपी