वंशज सिंह ने ‘अलायंस’ से बाहर होने पर कहा-‘मुझे हार का कोई अफसोस नहीं, अभी बहुत आगे जाना है’

Mumbai , 13 अगस्त . रियलिटी शो ‘अलायंस’ में नजर आए Actor वंशज सिंह ने शो में अपने सफर और Mumbai में पहचान बनाने के लिए किए गए संघर्ष के बारे में खुलकर बात की. उनका कहना है कि उन्हें शो में हारने का दुख जरूर है, लेकिन इस हार को लेकर उनके मन में कोई पछतावा नहीं है. अभी आगे बहुत कुछ हासिल करना बाकी है.

से वंशज ने अपने प्रतिस्पर्धी स्वभाव के बारे में बात करते हुए कहा, ”मुझे हारना पसंद नहीं है. अगर आप किसी काम या प्रोजेक्ट का हिस्सा बनते हैं, तो उसे जीतने या सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए. ‘अलायंस’ को लेकर भी मेरे मन में यही सोच थी. मुझे पूरा भरोसा था कि मैं शो के फाइनल तक जरूर जाऊंगा. मैंने शो में अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी तरफ से काफी योगदान भी दिया, लेकिन नतीजे मेरे पक्ष में नहीं रहे.”

उन्होंने कहा, ”शो का हर फैसला मेरे हाथ में नहीं था. इसी वजह से मैं अपनी हार को लेकर खुद को दोषी नहीं मानता. मुझे इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि मैं शो नहीं जीत पाया. मेरे लिए यह सिर्फ एक पड़ाव था और अब मेरा ध्यान आगे बढ़ने पर है.”

वंशज ने कहा, ”मैं अभी अपनी किसी भी उपलब्धि से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं. मेरे लिए ‘अलायंस’ जीतना भी अंतिम लक्ष्य नहीं होता. अगर मैं शो जीत भी जाता, तब भी पूरी तरह संतुष्ट महसूस नहीं करता. मैं हमेशा अगली उपलब्धि और अगले लक्ष्य के बारे में सोचता रहता हूं. मैं लगातार बड़े सपने देखता हूं और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करता हूं.”

अपने बारे में बात करते हुए वंशज ने कहा, ”मैं दिन में ही नहीं, बल्कि सोते समय भी सपने देखता हूं. मेरे लिए सपने देखना बेहद जरूरी है और यही चीज मुझे आगे बढ़ने की ताकत देती है. मैं मानता हूं कि जिंदगी में सिर्फ एक उपलब्धि हासिल कर रुक जाना मेरे स्वभाव में नहीं है. मैं लगातार कुछ नया हासिल करना चाहता हूं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता रहता हूं.”

वंशज ने अपने Mumbai तक के सफर के बारे में भी विस्तार से बताया. उन्होंने कहा, ”मैं देहरादून से आता हूं और करीब चार साल पहले Mumbai पहुंचा था. मेरे लिए इस शहर में अपनी जगह बनाना बेहद मुश्किल था. इंडस्ट्री में मेरे कोई खास संपर्क नहीं थे और मैं किसी को नहीं जानता था. ऐसे में शुरुआत से खुद को स्थापित करना मेरे लिए बड़ी चुनौती थी.”

उन्होंने बताया कि Mumbai में पहचान धीरे-धीरे बनती है. पहले social media पर फॉलोअर्स बढ़ते हैं, फिर ब्रांड्स के साथ काम करने के मौके मिलते हैं. इसके बाद कुछ जाने-पहचाने लोग आपको पहचानने लगते हैं. उनसे मुलाकात होती है और अगर साथ काम करने का मौका मिले तो वह भी मिलता है. इस तरह छोटे-छोटे कदमों के जरिए कलाकार अपनी पहचान बनाता है.

पीके/पीएम

Leave a Comment