
New Delhi/Bhopal , 5 मार्च . Madhya Pradesh के Bhopal स्थित एम्स में एक महिला डॉक्टर के आत्महत्या करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने Police और स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किया है. एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने यह जानकारी दी.
प्रियंक कानूनगो ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए बताया, “Bhopal के एम्स में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर सृष्टि की ओर से एचओडी डॉक्टर परवेज की प्रताड़ना और हुमिलिएशन से तंग आकर बेहोश करने वाली दवाई के ओवरडोज से आत्महत्या करने वाली घटना की शिकायत प्राप्त हुई है.”
प्रियंक कानूनगो के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि महिला डॉक्टर की ओर से तीन बार प्रताड़ना देने वाले डॉक्टर परवेज के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कार्यवाही नहीं की और मामले को दबाने का प्रयास किया. आखिरकार महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली.”
उन्होंने कहा कि शिकायत गंभीर है और संज्ञान लेकर जांच के लिए Bhopal Police, एम्स Bhopal के प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी किया गया है. सभी को जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रियंक कानूनगो ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं. एक होनहार डॉक्टर की आत्महत्या बेहद दुखद है. दोषी को सजा दिलवाना और व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करेंगे.”
इससे पहले भी Bhopal एम्स में एक महिला डॉक्टर ने आत्महत्या की थी. एम्स Bhopal के इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर रश्मि वर्मा 11 दिसंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश पाई गईं, उनकी पल्स रेट और हार्टबीट कमजोर थी. कथित तौर पर महिला डॉक्टर ने एनेस्थेटिक इंजेक्शन का ओवरडोज लिया था. उन्हें उसी रात अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 25 दिनों के बाद मौत हो गई.
डॉक्टर रश्मि वर्मा की घटना में मौके से Police को एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत की जिम्मेदारी खुद ली.
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डीसीएच