फर्जी आईबी कॉल मामला: आप नेता अशोक ओझा ने पुलिस के आरोपों को नकारा, कहा- मुझे फंसाया जा रहा है

वडोदरा, 1 जून . आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अशोक ओझा ने Gujarat Police के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता के पास फर्जी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) कॉल करवाई थी. अशोक ओझा का कहना है कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि Police उनसे पार्टी के अंदरूनी कामकाज और पैसों के लेनदेन के बारे में सवाल-जवाब कर रही है.

ओझा का बयान उस विवाद में एक नया मोड़ है जो 28 मई को शुरू हुआ था, जब दिल्ली के पूर्व विधायक और पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया था कि Gujarat Police की आईबी विंग राज्य में आप कार्यकर्ताओं को डरा रही है.

बाद में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस आरोप को और हवा दी थी. social media पर इन दावों के बाद आनंद साइबर क्राइम Police ने आरोपों में जिक्र किए गए फोन नंबर का पता लगाया तो वह आनंद में रहने वाले एक व्यक्ति का था. Police ने बाद में आप की वडोदरा शहर इकाई के अध्यक्ष ओझा और नितिन डोबरिया की गिरफ्तारी की घोषणा की.

Police के अनुसार, जांच में पता चला कि पार्टी कार्यकर्ता केशव चौहान को एक ऐसे व्यक्ति ने कॉल किया था, जिसने झूठा दावा किया था कि वह “करेलीबाग आईबी कार्यालय” से बात कर रहा है.

जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कॉल पार्टी के भीतर की प्रतिद्वंद्विता से उपजे षड्यंत्र का हिस्सा थी और ओझा चौहान को वडोदरा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद उन्हें अपना Political प्रतिद्वंद्वी मानते थे. कॉल का उद्देश्य चौहान को डराना और उन्हें शहर छोड़ने के लिए मजबूर करना था.

गिरफ्तारियों ने Political विवाद को जन्म दिया, जिसमें Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी ने केजरीवाल पर झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया.

संघवी ने कहा कि आम आदमी द्वारा बताया गया फोन नंबर “आपके अपने आदमी” का था और उन्होंने सवाल उठाया कि केजरीवाल कॉल करने वाले को सूचना और संचार अधिकारी के रूप में क्यों पेश कर रहे हैं.

गिरफ्तारी के बाद पहली बार आरोपों का जवाब देते हुए ओझा ने कहा कि Police का बयान मनगढ़ंत है. उन्होंने कभी किसी को सूचना और संचार अधिकारी होने का नाटक करने का निर्देश नहीं दिया था.

उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं, जो कॉल की गई थी, वह मैंने सूचना ब्यूरो (आईबी) को यह पूछने के लिए की थी कि ‘आपकी क्या आवश्यकता है?’ हमारे पदाधिकारी केशव चौहान भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर मौजूद थे. मैंने यह फोन इसलिए नहीं किया था कि आप यह करें और आईबी से होने का नाटक करके कॉल करें.”

ओझा ने आरोप लगाया कि Police द्वारा ले जाए जाने के बाद एक महिला ने उनसे लगभग दो घंटे तक पूछताछ की, जिसने खुद को Police इंस्पेक्टर बताया. पूछताछ कथित कॉल पर केंद्रित नहीं थी, बल्कि पार्टी की संगठनात्मक संरचना और धन स्रोतों पर केंद्रित थी.

उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के वित्त को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. ओझा ने कहा, “उस महिला ने मुझसे पूछा कि Gujarat और वडोदरा में हमारा फंड कहां से आता है, 24 से 26 मई तक केजरीवाल के ठहरने का खर्च कहां से आया.”

संघवी को सीधे संबोधित करते हुए ओझा ने राज्य Government पर इस मामले का Political इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

ओझा कहा, “आज मैं हर्ष संघवी से सीधे पूछना चाहता हूं, क्या आप लोग हिरासत में लेकर, धमकाकर और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके राजनीति करना चाहते हैं?”

ओझा ने उस अधिकारी की पहचान पर भी सवाल उठाया जिसने कथित तौर पर उनसे पूछताछ की थी.

Police के इस आरोप को खारिज करते हुए कि यह घटना पार्टी की अंदरुनी आपसी प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है. इस पर ओझा ने कहा, “मेरी ओर से कोई साजिश नहीं है. मैं आम आदमी पार्टी का निष्ठावान सदस्य हूं और हमेशा निष्ठावान रहूंगा.”

फिलहाल आनंद साइबर क्राइम Police स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और जांच अभी जारी है.

ओपी/एएस

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