
New Delhi, 16 जून . ई20 ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने के दावे को पीआईबी ने Tuesday को फर्जी बताया. साथ ही कहा कि ई20 ईंधन के उपयोग के बाद भी मोटर वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह से वैध रहेगी.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाली पीआईबी फैक्टचेक यूनिट ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि social media पर कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने से गाड़ी के इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकते हैं.
यह दावा पूरी तरह से फर्जी है. ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने के बाद भी आपकी मोटर वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह से वैध है.
इसके साथ पीआईबी ने आगे कहा कि इस तरह के दावों पर विश्वास और शेयर करने से पहले एक बार आधिकारिक स्रोतों से जानकारी को वेरीफाई जरूर करें.
इसके अतिरिक्त, India में केपीएमजी की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि देश का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम काफी बड़े स्तर पर पहुंच गया है और अब पूरे देश में ई20 फ्यूल का इस्तेमाल शुरू हो गया है.
रिपोर्ट में उन अवसर और चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है जो इस सेक्टर केई20 से आगे बढ़ने पर सामने आ सकते हैं. इनमें फीडस्टॉक की उपलब्धता, सप्लाई चेन की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और पॉलिसी में तालमेल जैसे मुद्दे शामिल हैं.
Government आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरण की स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी व्यापक रणनीति के तहत एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है.
Government ने जून में ‘विश्व पर्यावरण दिवस 2026’ पर एक इंडियनऑयल रिटेल आउटलेट पर ई85 फ्यूल लॉन्च किया था. इसके जरिए Government की कोशिश एथेनॉल के उपयोग को बढ़ाना है.
ई85 फ्यूल अभी Governmentी तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे 48 रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है.
Government की योजना दिसंबर 2026 तक इसे 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक लगभग 5,000 आउटलेट्स पर उपलब्ध कराना है.
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एबीएस