
चेन्नई, 13 अप्रैल . तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. इसे लेकर चुनाव आयोग और राज्य Police ने सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और बिना किसी घटना के संपन्न हो सके.
एक बड़ी एहतियाती पहल के तहत तमिलनाडु Police ने राज्य भर में लगभग 20,000 ‘हिस्ट्री-शीटर’ और आदतन अपराधियों की पहचान की है और उन पर कड़ी नजर रख रही है.
इन्हें आम बोलचाल में ‘उपद्रवी’ (राउडी) कहा जाता है. इन व्यक्तियों को उनके आपराधिक रिकॉर्ड की गंभीरता और उनसे होने वाले संभावित खतरे के आधार पर चार अलग-अलग समूहों ए प्लस, ए, बी और सी में बांटा गया है.
वरिष्ठ Police अधिकारियों के मुताबिक, अकेले चेन्नई में ही ऐसे लगभग 4,000 व्यक्ति हैं, जिनमें से कई इस समय फरार हैं. अधिकारियों को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग चुनाव के दौरान अपने स्थानीय इलाकों में वापस घुसने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि वे गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकें, मतदान में बाधा डाल सकें या मतदाताओं को प्रभावित कर सकें.
इससे निपटने के लिए Police टीमों ने पिछले कुछ दिनों में बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी जुटाने और तलाशी अभियान शुरू किए हैं. इन प्रयासों के तहत अब तक लगभग 100 व्यक्तियों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया जा चुका है.
सभी 38 जिलों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि फरार अपराधियों का पता लगाया जा सके और उन लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके जिनकी पहचान संभावित उपद्रवी तत्वों के रूप में की गई है.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों के अलावा, Police एक सुधार-उन्मुख दृष्टिकोण भी अपना रही है. अधिकारियों ने बताया कि जो व्यक्ति अपना जीवन सुधारने के इच्छुक हैं, उन्हें पुनर्वास का अवसर दिया जा सकता है. इसमें कुछ शर्तों के अधीन ‘अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र’ जारी करना भी शामिल है.
कानूनी सुरक्षा उपायों के तहत, अधिकारी दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 107, 109 और 110 के तहत कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रहे हैं. ये धाराएं Police को उन व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई करने का अधिकार देती हैं, जिनसे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो. संदिग्धों से चुनाव के दौरान अच्छे व्यवहार का आश्वासन देने वाले मुचलके (बांड) भरवाए जा सकते हैं.
एक वरिष्ठ Police अधिकारी ने कहा कि तमिलनाडु में ऐतिहासिक रूप से विधानसभा चुनाव काफी हद तक शांतिपूर्ण रहे हैं, और कानून-व्यवस्था से जुड़ी गड़बड़ियां बहुत कम देखने को मिली हैं.
उन्होंने कहा, “हम इस रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा रहे हैं. हमारा मुख्य ध्यान रोकथाम, सतर्कता और जहां भी आवश्यकता हो, वहां त्वरित कार्रवाई करने पर केंद्रित है.”
बहु-स्तरीय सुरक्षा उपायों के लागू होने से अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि आगामी चुनाव सुचारू रूप से संपन्न होंगे, जिससे मतदाताओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी.
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एएसएच/डीकेपी