
New Delhi, 19 अप्रैल . पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में India के हित बहुत अहम हैं, क्योंकि वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा सुरक्षा दोनों ही इनसे जुड़ी हुई हैं.
इस अफरातफरी और क्षेत्रीय संकट के समय में India की संतुलित और बहु-दिशात्मक कूटनीति न सिर्फ समझदारी भरी है, बल्कि जरूरी भी है.
एक विशेषज्ञ ने एक प्रमुख पोर्टल ‘मॉडर्न डिप्लोमेसी’ में लिखे अपने कॉलम में कहा, “New Delhi ने कभी भी खाड़ी देशों के अंदरूनी या क्षेत्रीय मामलों में सीधे दखल नहीं दिया है और न ही किसी पक्ष का खुलकर समर्थन किया है. वहीं, उन देशों ने भी India पर ऐसा दबाव नहीं डाला कि वह अपनी बहु-स्तरीय विदेश नीति छोड़ दे, खासकर इस गहरे विभाजित क्षेत्रीय माहौल में.”
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही यह संघर्ष और बढ़ा, India की ऊर्जा सुरक्षा उसकी विदेश नीति का सबसे अहम हिस्सा बन गई. India अपने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है. करीब 60 प्रतिशत कच्चा तेल और 50 प्रतिशत तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) India को इन्हीं देशों से मिलती है. इसमें होर्मुज स्ट्रेट की भी बहुत अहम भूमिका है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि India Government ने ईरान के साथ मिलकर जो समन्वित प्रयास किए और भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन उर्जा सुरक्षा’ के तहत जो सावधानी से कदम उठाए, उससे India के आधे से ज्यादा व्यापारिक जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सके.
कहा गया कि India के झंडे वाले एलएनजी और पीएनजी ले जाने वाले जहाजों को ईरान ने इसलिए अनुमति दी क्योंकि वह India को एक “मित्र देश” मानता है. इसका कारण India की कूटनीतिक कोशिशें और रणनीतिक संतुलन बताया गया है.
India और कतर जैसे बड़े ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठकों और द्विपक्षीय संपर्कों ने भी यह दिखाया कि India अपने इन प्रमुख साझेदारों को कितना महत्व देता है. इन देशों ने भी India को भरोसा दिया कि वे आगे भी India को भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहेंगे.
रिपोर्ट के अनुसार, आज के जुड़े हुए वैश्विक दौर में जब किसी एक क्षेत्र का संकट हजारों किलोमीटर दूर तक असर डाल सकता है, तब संचार और सक्रिय कूटनीतिक संपर्क बहुत जरूरी हो जाते हैं, ताकि सभी के लिए लाभ की स्थिति बन सके और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच India की जो सक्रिय कूटनीति है, उसने ठीक यही काम किया है.
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एवाई/डीकेपी