
कोलकाता, 25 अप्रैल . पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले 11 अतिरिक्त Police पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) की नियुक्ति की घोषणा की है.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, ये सभी 11 अतिरिक्त Police पर्यवेक्षक दूसरे राज्यों से बुलाए गए हैं. इनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य दूसरे चरण में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या तनाव की स्थिति न बने.
सूत्र ने बताया कि पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कुछ छिटपुट हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग अब दूसरे चरण में ऐसी किसी भी घटना की संभावना को पूरी तरह खत्म करना चाहता है.
इन 11 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद राज्य में कुल Police पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है. पहले इस चुनाव के लिए 84 Police पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक थे. अब दूसरे चरण के लिए यह संख्या और बढ़ा दी गई है.
सूत्रों के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. सभी नए Police पर्यवेक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य Police को सौंपी गई है.
इस बीच, चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर Police जिले के पांच Police अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इन पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगे हैं और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
निलंबित अधिकारियों में अतिरिक्त Police अधीक्षक संदीप गराई (आईपीएस), सब-डिविजनल Police अधिकारी साजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसाम चक्रवर्ती, फलता थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी-इन-चार्ज साधना बाग शामिल हैं.
इसके अलावा, आयोग ने डायमंड हार्बर Police जिले की Police अधीक्षक ईशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की है. उन पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों की निगरानी ठीक से न करने का आरोप है.
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वीकेयू/वीसी