
हैदराबाद, 6 जनवरी . हैदराबाद जोनल कार्यालय, डायरेक्टरेट ऑफ एन्फोर्समेंट ने मेसर्स साहती इंफ्राटेक वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक बी. लक्ष्मीनारायण और संधु पूर्णचंद्र राव के खिलाफ पैसे की धोखाधड़ी रोकथाम अधिनियम 2002 के तहत मुकदमा दायर किया है. कोर्ट ने इस मामले को 5 जनवरी को संज्ञान में लिया था.
जांच में पता चला कि मेसर्स साहती इंफ्राटेक वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ‘प्री-लॉन्च ऑफर’ के नाम पर फ्लैट/विला बेचने का विज्ञापन किया और निवेशकों से बड़ी रकम जमा की. लेकिन, कंपनी ने फ्लैट नहीं दिए और पैसे वापस भी नहीं किए, जिससे लगभग 700 निवेशकों को कुल मिलाकर 360 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि मेसर्स साहती इंफ्राटेक वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास जरूरी अनुमति नहीं थी और कोई एस्क्रो खाता भी नहीं था. कंपनी ने नकद और बैंक खातों के जरिए कुल 800 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा की, और इसमें से कई रकम को छिपाकर विदेश और अन्य कंपनियों/व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित किया गया.
संधु पूर्णचंद्र राव पर लगभग 126 करोड़ रुपए के गबन का भी आरोप है, जिसमें 50 करोड़ रुपए नकद शामिल हैं. आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की जब्ती पहले ही की जा चुकी है. ईडी ने जांच के दौरान 169.15 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया था.
बी. लक्ष्मीनारायण और संधु पूर्णचंद्र राव को क्रमशः 29 सितंबर 2024 और 25 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वे अब भी न्यायिक हिरासत में हैं.
ईडी ने मामले में यह भी स्पष्ट किया कि अपराध से प्राप्त धन को नकली लेन-देन और संपत्ति के हस्तांतरण के जरिए छिपाया गया. इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है.
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एएमटी/एबीएम