
गुवाहाटी, 9 मार्च . Enforcement Directorate (ईडी) के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने आईएएस अधिकारी और असम Government के आबकारी विभाग के पूर्व सचिव इंद्रेश्वर कलिता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत उनकी 5.64 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है.
गुवाहाटी स्थित Chief Minister विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ (सीएमएसवीसी) द्वारा कलिता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की. कलिता पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखी है.
सीएमएसवीसी द्वारा दायर आरोपपत्र के अनुसार, 1 मार्च, 2000 से 31 दिसंबर, 2018 तक की जांच अवधि के दौरान, कलिता ने अपनी ज्ञात आय के अनुपात से अधिक 5.64 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की. जांच अवधि के दौरान यह संपत्ति उनकी वैध आय से 131.12 प्रतिशत अधिक थी.
ईडी की जांच में पता चला कि कलिता ने कई अचल संपत्तियां या तो अपने नाम पर या अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर हासिल कीं, जिनका आय का कोई स्रोत नहीं था.
अधिकारियों ने बताया कि ऐसा वास्तविक स्वामित्व और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत को छिपाने के लिए किया गया था.
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि संपत्तियों की खरीद के लिए पंजीकृत विक्रय विलेखों में जानबूझकर मूल्य को कम दिखाया गया था ताकि लेन-देन में खर्च की गई वास्तविक राशि को छिपाया जा सके.
आगे की जांच में पता चला कि कलिता ने 2015 से 2018 के बीच अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार के साथ साझेदारी फर्म बनाकर एक जी+4 कमर्शियल-कम रेजिडेंशियल बिल्डिंग का निर्माण किया. आरोप है कि रिश्तेदार ने वित्तीय जोखिम या आय के बिना केवल नाममात्र के साझेदार के रूप में काम किया.
इस इमारत के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 4.46 करोड़ रुपए थी.
ईडी ने बताया कि इस संपत्ति से अब अच्छी-खासी मासिक किराए की आय होती है, जिसका इस्तेमाल बैंक ऋण चुकाने में किया जा रहा है. इस तरह कथित तौर पर अपराध से प्राप्त धन को वैध वित्तीय प्रणाली में शामिल किया जा रहा है.
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एमएस/