
Patna, 13 फरवरी . एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी), Patna जोनल ऑफिस ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), Patna के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर और रीजनल ऑफिसर सदरे आलम से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 17.35 लाख रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया है.
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, अटैच की गई प्रॉपर्टी सद्रे आलम के नाम पर रजिस्टर्ड खेती की जमीन है.
यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर कथित तौर पर आय से ज्यादा संपत्ति खरीदने और अपराध से मिले पैसे की लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में जारी किया गया है.
ईडी ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई), एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी), Patna द्वारा सेक्शन 7 और 8 और सेक्शन 13(1)(बी) के साथ 13(2) के तहत प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर अपनी जांच शुरू की.
First Information Report के मुताबिक, सद्रे आलम ने कथित तौर पर जुलाई 2021 और सितंबर 2022 के बीच अपनी आय के ज्ञात सोर्स से ज्यादा संपत्ति खरीदी.
आय से ज्यादा संपत्ति की कीमत लगभग 89.09 लाख रुपए आंकी गई थी. ईडी की जांच से पता चला कि जुर्म की कमाई को कथित तौर पर एक मुश्किल मनी ट्रेल के जरिए लॉन्ड्र किया गया था, जिसमें सदरे आलम से जुड़े बैंक अकाउंट में बड़ी मात्रा में कैश जमा किया गया था, जिसे बाद में कई लेयर के बैंक ट्रांसफर के जरिए रूट किया गया था.
सीबीआई द्वारा पहले किए गए एक सर्च ऑपरेशन के दौरान, सदरे आलम के घर से 71.01 लाख रुपए कैश और ज्वेलरी बरामद की गई थी. आरोपी कथित तौर पर बरामद कैश के सोर्स के बारे में कोई संतोषजनक जवाब या डॉक्यूमेंट्री सबूत देने में नाकाम रहे.
जुर्म की कुल कमाई 89.09 लाख रुपए में से, 71.01 लाख रुपए की संपत्ति सीबीआई ने पहले ही जब्त कर ली थी. बाकी 17.35 लाख रुपए की रकम को अब ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत खेती की जमीन के रूप में प्रोविजनल रूप से अटैच कर लिया है. मामले में आगे की जांच जारी है.
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एससीएच