
चेन्नई, 19 अगस्त . तमिलनाडु में ट्रांसफॉर्मर की खरीद में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने Wednesday को राज्य में 40 से अधिक जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई चेन्नई की एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन कंपनी से जुड़ी जगहों पर आयकर विभाग की छापेमारी के एक दिन बाद की गई.
सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय (डीवीएसी) के तलाशी अभियान में रिहायशी और कमर्शियल जगहों के साथ-साथ वे फैक्टरियां भी शामिल थीं, जिनके ट्रांसफॉर्मर खरीद मामले से जुड़े होने का शक था. चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में 27 जगहों पर छापे मारे गए, जिनमें पेरंगुडी में चार और अन्ना नगर में तीन जगहें शामिल थीं. तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू जिलों में भी तलाशी अभियान चलाया गया.
इससे पहले, आयकर विभाग ने चेन्नई के अलवरपेट में टीटीके रोड पर चल रही एक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन कंपनी के खिलाफ अभियान चलाया. इस कंपनी की तलाशी विदेशी फर्मों और छोटी भारतीय कंपनियों के साथ अनियमित वित्तीय लेन-देन के आरोपों के बाद ली गई.
आयकर विभाग की टीमों ने इस कारोबार से जुड़ी पांच जगहों पर एक साथ तलाशी ली, जिनमें एर्नावूर, अलवरपेट, विरुगंबक्कम और राजामंगलम की जगहें शामिल थीं. ऑपरेशन के दौरान हथियारबंद Policeकर्मियों ने अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराई. टीमों ने इन जगहों पर दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड, अकाउंट्स और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की.
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई टैक्स चोरी, आय छिपाने और बिना हिसाब-किताब वाले वित्तीय लेन-देन की शिकायतों के बाद शुरू की गई थी. यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या कंपनी ने अपनी आय का खुलासा नहीं किया या अपने कारोबार के दौरान किए गए पेमेंट का सही रिकॉर्ड नहीं रखा.
अधिकारियों ने कहा कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए कैश, दस्तावेजों या दूसरी चीजों की कीमत का खुलासा ऑपरेशन और रिकॉर्ड की शुरुआती जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा.
–
डीसीएच/