क्‍या विपक्ष फर्जी वोटर के सहारे चुनाव जीतना चाहता है: बृजमोहन अग्रवाल

नई दिल्‍ली, 1 दिसंबर . संसद का शीतकालीन सत्र Monday से शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत से पहले Prime Minister Narendra Modi ने अपने संबोधन में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “ड्रामा नहीं, डिलीवरी चाहिए और नारा नहीं, नीति चाहिए.” Prime Minister के इसी बयान को आधार बनाते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी Political बयानबाजी शुरू हो गई है. BJP MP बृजमोहन अग्रवाल ने पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया है.

उन्‍होंने विपक्ष के एसआईआर के विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि क्‍या विपक्ष फर्जी वोटर के सहारे चुनाव जीतना चाहता है?

BJP MP बृजमोहन अग्रवाल ने से बातचीत में Prime Minister के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही में बाधा डालकर सार्थक चर्चा से बच रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछला पूरा एक महीने का सत्र एसआईआर को लेकर बर्बाद कर दिया गया, जबकि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई और उसके बाद आए विधानसभा चुनाव नतीजों ने विपक्ष को स्पष्ट संदेश दे दिया है.

अग्रवाल ने कहा कि Prime Minister मोदी ने विपक्ष से नीति और मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया है, लेकिन विपक्ष को यह स्वीकार नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग हर 20 वर्षों में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण करता है और इसी प्रक्रिया के तहत एसआईआर किया जा रहा है. जब यह संवैधानिक प्रक्रिया है तो विपक्ष को दिक्कत क्यों? क्या विपक्ष फर्जी वोटर के सहारे चुनाव जीतना चाहता है?

उन्होंने कहा कि Lok Sabha की कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि सदन चर्चा और समाधान का स्थान है, न कि Political ड्रामा का. उनके अनुसार विपक्ष जनता के हितों के बजाय अपने Political हितों की चिंता में सदन की प्रक्रिया को बाधित कर रहा है, जिससे समाज और जनता दोनों का नुकसान हो रहा है.

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईआर पर चर्चा कोई ड्रामा नहीं है, अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा कराई जाने वाली प्रक्रिया है, जो एक पूर्णतः संवैधानिक संस्था है और इसमें Government का कोई हस्तक्षेप नहीं होता. ऐसे मुद्दे पर चर्चा की मांग करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लगता है वहां के नेता नियमों और कानून की साख बनाए रखने में विश्वास नहीं करते.

अग्रवाल ने कहा कि Government हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए लोकतांत्रिक दायरे में रहकर काम करना चाहिए.

एएसएच/डीएससी

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