
चेन्नई, 5 जुलाई . तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने Sunday को अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा के लिए द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि पार्टी बांटने वाली राजनीति का विरोध करती रहेगी और इन समुदायों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए दृढ़ रहेगी.
उन्होंने कहा कि डीएमके और अल्पसंख्यकों के बीच का रिश्ता आपसी भरोसे पर टिका है और इसे Political मकसद से चलाए गए अभियानों से कमजोर नहीं किया जा सकता.
थिरुवेरकाडु में डीएमके मुख्यालय के सचिव ‘थुरईमुगम’ काजा की पोती की शादी के रिसेप्शन में लोगों को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि पार्टी हमेशा अल्पसंख्यक समुदायों के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी ऐसा करती रहेगी.
उन्होंने कहा कि डीएमके के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत और सबको साथ लेकर चलने का नजरिया उसकी राजनीति के केंद्र में है.
विपक्ष के नेता ने बिना किसी का नाम लिए पूर्व सहयोगियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘कुछ लोग कुर्सी (सोफा) मिलते ही हमें छोड़कर चले गए’, लेकिन वफादार पार्टी कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य हर Political चुनौती के समय डीएमके के साथ मजबूती से खड़े रहे.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि अल्पसंख्यकों का अटूट समर्थन लोगों के साथ पार्टी के मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते को दिखाता है.
उन्होंने Political विरोधियों पर गलत जानकारी फैलाकर बंटवारा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया, लेकिन कहा कि ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होंगी.
उन्होंने कहा, “चाहे कोई भी हमें अलग करने की कोशिश करे या बदनामी फैलाए, डीएमके हमेशा अल्पसंख्यकों और मुस्लिम समुदाय के लिए एक सुरक्षा कवच बनी रहेगी.”
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि पूर्व Chief Minister और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन लोगों के साथ खड़े रहेंगे, तमिलनाडु के हितों की रक्षा करेंगे और मुश्किल समय में मजबूत नेतृत्व देंगे.
उन्होंने लोगों को यह भी बताया कि वे इस कार्यक्रम में पूर्व Chief Minister का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, क्योंकि उनके पिता एमके स्टालिन, जिन्हें मूल रूप से इसमें शामिल होना था, नहीं आ सके.
इस कार्यक्रम में Political सौहार्द का एक दुर्लभ नजारा भी देखने को मिला, जब उदयनिधि स्टालिन ने व्यक्तिगत रूप से ‘नाम तमिलर काची’ (एनटीके) के मुख्य समन्वयक सीमन को अंदर तक पहुंचाया. सीमन शादी में मेहमानों में शामिल थे. यह Political मतभेदों के बावजूद बने सौहार्दपूर्ण माहौल को दर्शाता है. ‘थुरईमुगम’ काजा के डीएमके के साथ लंबे जुड़ाव को याद करते हुए विपक्ष के मौजूदा नेता ने 1989 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का एक किस्सा सुनाया.
काजा उस समय एआईएडीएमके के उम्मीदवार थे और हार्बर सीट से डीएमके के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे. उन्होंने वोटों की गिनती पूरी होने से पहले ही करुणानिधि को व्यक्तिगत रूप से माला पहनाकर बधाई दी थी. यह कदम चुनावी प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद Political शिष्टाचार को दर्शाता था.
उन्होंने बताया कि बाद में काजा डीएमके में शामिल हो गए और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं में से एक बन गए.
उधयनिधि स्टालिन ने कहा कि पूर्व Chief Minister एमके स्टालिन अक्सर काजा और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूची एस. मुरुगन को डीएमके मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ के ‘दो स्तंभ’ बताते हैं, जो पार्टी के प्रति उनकी अटूट सेवा को सम्मान देने का तरीका है.
शादी में डीएमके के वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इससे उधयनिधि स्टालिन को एक बार फिर अल्पसंख्यक कल्याण के प्रति डीएमके Government की प्रतिबद्धता और तमिलनाडु में समावेशी और धर्मनिरपेक्ष शासन बनाए रखने के वादे को दोहराने का मौका मिला.
–
एएसएच/वीसी