
Bengaluru, 1 जून . कर्नाटक की नई कैबिनेट के गठन को लेकर कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा करने के लिए कर्नाटक के मनोनीत Chief Minister डीके शिवकुमार और कार्यवाहक Chief Minister सिद्दारमैया Monday को दिल्ली पहुंचे. नई कैबिनेट के गठन को लेकर दोनों नेता कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करेंगे.
डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया एक ही फ्लाइट से New Delhi पहुंचे हैं. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे Bengaluru स्थित अपने आवास से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. सिद्दारमैया के बेटे एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी दिल्ली पहुंच चुके हैं.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता सिद्दारमैया, डी.के. शिवकुमार, एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला पहले ही आपस में चर्चा कर चुके हैं और मंत्रियों की शुरुआती सूची को अंतिम रूप दे चुके हैं.
सूत्रों ने संकेत दिया कि कैबिनेट गठन के पहले चरण में Chief Minister सहित लगभग 10 से 12 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है. पहले बैच की प्रस्तावित सामाजिक संरचना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के दो नेता, दो अनुसूचित जाति (एससी) नेता, एक अनुसूचित जनजाति (एसटी) नेता, दो वोक्कालिगा नेता, एक मुस्लिम प्रतिनिधि और दो लिंगायत नेता शामिल होने की उम्मीद है.
मंत्रियों के पहले बैच का शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को होने की उम्मीद है. पार्टी सूत्रों ने आगे बताया कि कांग्रेस नेतृत्व दो चरणों में कैबिनेट विस्तार पर विचार कर रहा है. शेष मंत्री पद राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद भरे जाने की संभावना है.
सूत्रों के अनुसार, विस्तार के पहले चरण में सिद्दारमैया के समर्थकों को कैबिनेट पदों में एक बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है. मंत्रियों की अंतिम सूची को New Delhi में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद मंजूरी मिलने की उम्मीद है.
सूत्रों ने आगे बताया कि सिद्दारमैया ने कथित तौर पर अपने खेमे से मंत्री पद के इच्छुक नेताओं की एक सूची भी तैयार कर ली है, जिसे वह कांग्रेस आलाकमान को सौंप सकते हैं.
कैबिनेट गठन पर चर्चा तेज होने के साथ ही कई नेता पहले ही New Delhi पहुंच चुके हैं. उम्मीद है कि कांग्रेस आलाकमान कैबिनेट की अंतिम सूची तय करने से पहले जिला और समुदायवार प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए सूची की बारीकी से जांच करेगा.
इस बीच, सिद्दारमैया की ओर से कर्नाटक में अतिरिक्त उपChief Minister पद बनाने के लिए दबाव डालने की संभावना है. उनके आवास पर हुई चर्चाओं के अनुसार, उनके खेमे का मानना है कि Government में जाति और समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कम से कम तीन उपChief Minister नियुक्त किए जाने चाहिए.
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एसडी/एबीएम