
Lucknow, 8 अगस्त . बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने Samajwadi Party (सपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के चलते समय-समय पर अपना Political रंग बदलती रही है. साथ ही, मायावती ने कहा कि पहले ‘पीडीए’ के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साधने की कोशिश की गई और अब ब्राह्मण समाज को जोड़ने के लिए ‘पंडित’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने Saturday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में Samajwadi Party पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, “जैसा कि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति और सिद्धांत पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अंबेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही Government भी इसी के आधार पर चलाई है, जबकि Samajwadi Party (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व चुनावी स्वार्थ आदि की खातिर जगजाहिर तौर पर गिरगिट की तरह ही रंग बदलती रहती है.”
मायावती ने लिखा, “सपा की ओर से प्रचारित इनका कथित ‘पीडीए’ अर्थात् (पिछड़ा, दलित, अक्लियत) में पहले ‘पी’ से ‘पिछड़े’ प्रचारित करने के बाद अब अपरकास्ट समाज में खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी से तेजी से जुड़ता हुआ देख और उसी के आधार पर ही पार्टी उम्मीदवार भी बनाए जाने से विचलित होकर सपा ने अब ‘पी’ से ‘पंडित’ कर दिया है, जो इनके Political छल व छलावे का एक और जीता-जागता प्रमाण है.”
बसपा प्रमुख ने आगे लिखा, “ऐसे Political छल व छलावे कि राजनीति से किसी व्यक्ति विशेष का कुछ समय के लिए वक्ती तौर पर थोड़ा भला तो हो सकता है, लेकिन इससे उस संपूर्ण समाज का भला कभी नहीं हो सकता है. इसलिए सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण Samajwadi Party (सपा) व उसकी ऐसी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से जरूर सावधान रहना चाहिए. यह समय की मांग व सर्वसमाज के हित में भी है.”
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विकेटी/डीसीएच