
Bhopal , 15 अप्रैल . Madhya Pradesh में जारी गेहूं खरीदी अभियान के बीच पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह ने रायसेन और सीहोर जिलों में गेहूं के भंडारण और प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने Chief Minister मोहन यादव से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.
Wednesday को Chief Minister को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2020 के बीच खरीदे गए गेहूं के प्रबंधन में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ और सार्वजनिक वितरण के लिए रखा गया अनाज बर्बाद हो गया.
उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच राज्य के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से कराने की मांग की है.
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सिंह ने दावा किया कि करीब 40 हजार टन गेहूं, जिसकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है, लंबे समय तक भंडारण के कारण सड़ गया. वहीं, इसके रखरखाव और वेयरहाउसिंग पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए.
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ वित्तीय कुप्रबंधन नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था की विफलता भी है, जहां गरीबों के लिए रखा गया अनाज सड़ने के लिए छोड़ दिया गया.”
दिग्विजय सिंह के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे गए गेहूं को न तो भारतीय खाद्य निगम द्वारा समय पर उठाया गया और न ही इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किया गया, जिससे अनाज खराब हो गया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में खराब हो चुके गेहूं को अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जिसमें सीहोर के बकतरा से रायसेन के गोदामों तक शिफ्ट करना शामिल है, ताकि निजी वेयरहाउस संचालकों को फायदा पहुंचाया जा सके.
इसके अलावा, सिंह ने परिवहन ठेकों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि ये ठेके करीबी लोगों को दिए गए.
कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि उन्होंने जुलाई 2023 में भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं.
यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब राज्य Government न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी को तेज कर रही है और किसानों को बेहतर भंडारण व्यवस्था और समय पर भुगतान का भरोसा दे रही है.
दिग्विजय सिंह के इस पत्र के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पिछली खामियों को दूर किया गया है और भविष्य में ऐसी हानि रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं या नहीं.
उन्होंने Chief Minister से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे राज्य की वित्तीय साख और जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है.
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डीएससी