
New Delhi, 2 जून . आज की अनियमित जीवनशैली बढ़ती उम्र के लोगों की शारीरिक व मानसिक समस्याओं को बढ़ाती दिख रही है. उम्र बढ़ने के साथ बार-बार कब्ज, पाचन संबंधी समस्याएं और लगातार पीठ दर्द आम हो जाते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं. इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय ने धनुरासन यानी बो पोज को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है.
विश्व योग दिवस 2026 ( 21 जून) में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. ऐसे में India Government का आयुष मंत्रालय योग को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह देते हुए नागरिकों को लगातार नए-नए योगासनों के बारे में जानकारी देते हुए स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित कर रहा है.
मंत्रालय के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ बार-बार कब्ज, पाचन संबंधी समस्याएं और लगातार पीठ दर्द आम हो गए हैं, जो आराम, चलने-फिरने और स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करते हैं. ऐसे में धनुरासन के अभ्यास से कई समस्याओं को हमेशा के लिए अलविदा कहा जा सकता है.
धनुरासन पेट के हिस्से को अच्छी तरह स्ट्रेच करता है, पाचन अंगों को उत्तेजित करता है, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर की लचक बढ़ाता है. धनुरासन के अभ्यास से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं जिससे कब्ज की समस्या में राहत मिलती है और पाचन क्रिया सुधरती है. साथ ही यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और पीठ दर्द को कम करने में काफी मददगार साबित होता है. इसके रोजाना अभ्यास से मांसपेशियों और जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है, जिससे उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर सक्रिय और चुस्त रहता है.
धनुरासन अभ्यास के लिए सबसे पहले लेटकर दोनों घुटनों को मोड़ें, एड़ियों को पीछे की ओर ले जाएं और हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें. सांस भरते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाएं ताकि शरीर धनुष जैसा आकार ले ले. कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं. शुरुआती अभ्यास स्तर वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में शुरू करना बेहतर है.
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एमटी/एएस