
New Delhi, 1 मई . सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह अप्रैल में सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत बढ़कर ऑल टाइम हाई 2,42,702 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है. पिछले साल समान अवधि में यह 2,23,265 करोड़ रुपए पर था. यह जानकारी Government की ओर से जारी किए आंकड़ों में Friday को दी गई.
अप्रैल में GST संग्रह में मासिक आधार पर भी बढ़त देखने को मिली है. यह मार्च 2026 में 2,00,064 करोड़ रुपए था.
GST संग्रह में ऐसे समय पर बढ़ोतरी देखने को मिली है, जब मध्य पूर्व में तनाव का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर हो रहा है. हालांकि, मजबूत घरेलू मांग के चलते देश की अर्थव्यवस्था लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सकल GST संग्रह में सेंट्रल GST (सीGST) ने 52,140 करोड़ रुपए, स्टेट GST (एसGST) ने 61,331 करोड़ रुपए और इंटीग्रेटिड GST (आईGST) ने 1,29,232 करोड़ रुपए (आयात आईGST 57,580 करोड़ रुपए सहित) का योगदान दिया है.
अप्रैल में Government ने कुल 31,793 करोड़ रुपए का GST रिफंड जारी किया है. इसमें सीGST की हिस्सेदारी 5,253 करोड़ रुपए, एसGST की 5,889 करोड़ रुपए और आईGST का योगदान 20,651 करोड़ रुपए रहा है.
अगर रिफंड को निकाल दिया जाए तो अप्रैल में शुद्ध GST संग्रह 2,10,909 करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि के आंकड़े 1,96,618 करोड़ रुपए से 7.3 प्रतिशत अधिक है.
GST संग्रह में टॉप पांच राज्यों में Maharashtra (13,793 करोड़ रुपए), कर्नाटक (5,829 करोड़ रुपए), Gujarat (5,455 करोड़ रुपए), तमिलनाडु (4,724 करोड़ रुपए) और उत्तर प्रदेश (4,399 करोड़ रुपए) शामिल हैं.
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सकल GST संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपए था. यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है.
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध GST संग्रह (रिफंड को हटाकर) 19.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है.
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एबीएस/