
कोलंबो, 19 अप्रैल . सीलोन वर्कर्स कांग्रेस के अध्यक्ष सेंथिल थोंडामन ने Sunday को कहा कि India के उपPresident सीपी राधाकृष्णन से मिलना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने ‘दितवाह’ चक्रवात के दौरान श्रीलंका को मिली India की बड़ी आर्थिक और मानवीय सहायता के लिए खास तौर पर आभार जताया.
थोंडामन ने से बात करते हुए बताया कि उन्होंने उपPresident से मुलाकात में श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के तमिलों को ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) का दर्जा देने की मांग की.
उन्होंने कहा, “उपPresident सीपी राधाकृष्णन का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है. हमारी मुलाकात बहुत अच्छी और दोस्ताना माहौल में हुई. सीलोन वर्कर्स कांग्रेस की ओर से हमने उनके साथ बहुत अच्छी और सौहार्दपूर्ण चर्चा की. सबसे पहले हम India Government का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने श्रीलंका में आए चक्रवात ‘दितवाह’ के दौरान लगातार सहायता प्रदान की. उन्होंने 450 मिलियन डॉलर का योगदान दिया, जो श्रीलंका को मिली अब तक की सबसे बड़ी सहायता राशि थी. साथ ही भारतीय उच्चायोग की टीम और संतोष झा का भी धन्यवाद, जिन्होंने इस मदद को बहुत जल्दी लागू किया. कोविड के समय और उससे पहले भी India ने लगातार हमारा साथ दिया है.”
उन्होंने आगे कहा, “India हमेशा एक अच्छे पड़ोसी की तरह हमारे साथ खड़ा रहा है. ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत India ने हमेशा श्रीलंका का समर्थन किया है. मैंने उनका धन्यवाद किया और ओसीआई के मुद्दे पर भी बात की. यहां एक मिलियन से ज्यादा भारतीय मूल के तमिल रहते हैं. हमें यहां बसे 200 साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक हमें ओसीआई का दर्जा नहीं मिला है. मुझे उम्मीद है कि India Government इस पर सकारात्मक फैसला लेगी.”
तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस पार्टी के नेता मानो गणेशन ने उपPresident राधाकृष्णन के साथ हुई अपनी चर्चा को “सकारात्मक और उपयोगी” बताया. उन्होंने मांग की कि श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए ‘ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया’ (ओसीआई) का दर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए. उन्होंने यह भी बताया कि श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी प्रांत में मूल निवासी तमिल समुदाय के लोग रहते हैं.
गणेशन ने से बातचीत में कहा, “हमने India के उपPresident राधाकृष्णन से मुलाकात की और बहुत अच्छी और सकारात्मक चर्चा हुई. यह बातचीत हाल ही में Prime Minister Narendra Modi और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हुई हमारी चर्चाओं का ही आगे का हिस्सा है. हम कई मुद्दे उठा रहे हैं, जिनमें सबसे जरूरी है श्रीलंका में भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई का दर्जा आसान तरीके से देना.”
उन्होंने आगे कहा, “हमने शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास के क्षेत्रों में भी India से मदद मांगी है. हमने उपPresident को बताया कि हम श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के लोग तमिल भाषा बोलते हैं. दुनिया के कई देशों जैसे सिंगापुर, मलेशिया, साउथ अफ्रीका, मॉरीशस और फिजी में भी भारतीय मूल के लोग रहते हैं, लेकिन हमारी स्थिति अलग है. हम यहां 200 साल से रह रहे हैं, वहीं उत्तर-पूर्व में रहने वाले तमिल हजारों साल से यहां हैं और वे आत्मनिर्णय की लड़ाई लड़ रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “यहां तमिल राष्ट्रवाद और सिंहला राष्ट्रवाद के बीच टकराव है, और हम बीच में फंसे हुए हैं, क्योंकि हम भी तमिल बोलते हैं, इसलिए हमारी नागरिकता पूरी तरह से मजबूत नहीं है. India को हमारी स्थिति को गंभीरता से समझना चाहिए. मुझे भरोसा है कि Prime Minister Narendra Modi हमारी समस्याओं को समझते हैं. वे और उनकी Government इस दिशा में काम कर रहे हैं. विदेश मंत्री और अब उपPresident का यहां आना इसी का संकेत है. हमें उम्मीद है कि 15 लाख भारतीय मूल के लोग ओसीआई का दर्जा पा सकेंगे. यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा. हम पहले श्रीलंकाई हैं, लेकिन India को भी अपना ‘पितृभूमि’ मानते हैं.”
उपPresident राधाकृष्णन दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका गए हैं. यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्तों को दर्शाता है. इससे पहले उन्होंने श्रीलंका के President अनुरा कुमारा दिसानायके और Prime Minister हरिणी अमरासुरिया के साथ एक बैठक की.
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एवाई/डीकेपी