
New Delhi, 25 फरवरी . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Wednesday को दिल्ली सचिवालय में राजधानी में पहली बार आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (आईएफएफडी) 2026 का कर्टेन रेजर किया. Chief Minister ने इसे दिल्ली को वैश्विक सांस्कृतिक और सिनेमाई केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक अवसर बताया. इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित थे.
Chief Minister ने कहा कि यह महोत्सव केवल फिल्मों का आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली की रचनात्मक शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सोच का उत्सव है. यह एक ऐसा पब्लिक फेस्टिवल होगा जिसमें हर दिल्लीवासी की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी और विश्व सिनेमा को आम नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा. साथ ही, इसके माध्यम से स्थानीय फिल्मकारों और तकनीशियनों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा और राष्ट्रीय व वैश्विक प्रतिभाओं के साथ संवाद के अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि 25 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाला यह सिटी-वाइड फिल्म फेस्टिवल India मंडपम सहित New Delhi के विभिन्न प्रतिष्ठित स्थलों पर आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन दिल्ली को फिल्म पर्यटन, प्रतिभा विकास, एवीजीसी, रचनात्मक उद्योग और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करेगा.
Chief Minister ने कहा कि दिल्ली Government की फिल्म नीति के अनुरूप सिंगल-विंडो सुविधा, प्रोडक्शन सपोर्ट और उद्योग सहयोग के माध्यम से दिल्ली को शूटिंग के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनाया जा रहा है. आईएफएफडी के माध्यम से दिल्ली को India की सिनेमाई राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है. Chief Minister ने विश्वास व्यक्त किया कि आईएफएफडी 2026 दिल्ली के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई दिशा देगा और राजधानी को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा. Chief Minister ने आगे कहा कि दिल्ली हमेशा संस्कृति को दिशा देने वाला शहर रहा है और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली के माध्यम से ऐसा सार्वजनिक महोत्सव तैयार किया जा रहा है, जो इस शहर के लोगों का अपना उत्सव होगा.
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली Government द्वारा संचालित, शहरव्यापी फिल्म महोत्सव है, जिसका उद्देश्य भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा को प्रदर्शित करना और फिल्म संस्कृति को आम नागरिकों तक पहुंचाना है. यह महोत्सव New Delhi के विभिन्न स्थलों पर आयोजित होगा. इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है. आईएफएफडी को दीर्घकालिक सांस्कृतिक परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली को वैश्विक फिल्म हब के रूप में स्थापित करना है. दिल्ली फिल्म नीति के अनुरूप यह महोत्सव फिल्म पर्यटन, प्रतिभा विकास, उद्योग सहयोग तथा ऑरेंज इकॉनमी को नई गति देगा. इस फिल्म महोत्सव में 125 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ ही गाला प्रीमियर, मास्टरक्लास, इंडस्ट्री संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे.
इस अवसर पर दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi एवं Chief Minister रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली, देश और दुनिया में क्रिएटिव कैपिटल के रूप में उभर रही है. इसी क्रम में दिल्ली का अब तक का पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित होने जा रहा है. इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्मकार, कलाकार, निर्देशक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे. यह महोत्सव न केवल भारतीय सिनेमा की विविधता और सृजनात्मकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि दिल्ली को सशक्त फिल्म और सांस्कृतिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवा प्रतिभाओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, नई तकनीक, नवाचार और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देगा. साथ ही दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करेगा तथा पर्यटन, रोजगार और रचनात्मक उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा.
फेस्टिवल के मुख्य आकर्षणों में भव्य गाला प्रीमियर और सितारों से सजी विशेष स्क्रीनिंग शामिल होंगी, जो दर्शकों को सिनेमा की चमक-दमक और रचनात्मक उत्कृष्टता का अनूठा अनुभव देंगी. डिजिटल और उभरते सिनेमा को समर्पित विशेष प्रस्तुतियां नई तकनीक और नवाचार की दिशा में हो रहे प्रयोगों को मंच प्रदान करेंगी. हाई ऑक्टेन सिनेएक्सचेंज फिल्म मार्केट और सिनेवर्स एक्सपो के माध्यम से फिल्म उद्योग से जुड़े पेशेवरों को नेटवर्किंग, वितरण और निवेश के नए अवसर मिलेंगे. साथ ही, प्रतिष्ठित फिल्मकारों और विशेषज्ञों की मास्टरक्लास तथा इंडस्ट्री पैनल चर्चाएं प्रतिभागियों को गहन ज्ञान और व्यावहारिक समझ प्रदान करेंगी. सांस्कृतिक संध्याएं और लाइव परफॉर्मेंस इस आयोजन को बहुआयामी उत्सव का स्वरूप देंगी, जहां कला और मनोरंजन का संगम दिखाई देगा.
फेस्टिवल की विशेषताओं के तहत फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा, जिससे शहर की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. युवा प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने और उद्योग से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा. फिल्म निर्माताओं के लिए सिंगल-विंडो सुविधा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी, जिससे शूटिंग और प्रोडक्शन संबंधी औपचारिकताएं सुगम होंगी. सार्वजनिक स्थलों पर वर्ल्ड सिनेमा की पहुंच सुनिश्चित कर व्यापक दर्शक वर्ग को गुणवत्तापूर्ण अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से रूबरू कराया जाएगा. इस प्रकार यह आयोजन रचनात्मक अर्थव्यवस्था को गति देते हुए कला, संस्कृति और उद्योग के बीच सशक्त सेतु का कार्य करेगा.
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एमएस/