
New Delhi, 20 जून . दिल्ली Police ने जनता से संवाद को मजबूत बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और Police व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘थाना दिवस-जन सुनवाई’ नामक नई पहल की शुरुआत की है. इस कार्यक्रम के तहत नागरिकों को वरिष्ठ Police अधिकारियों के समक्ष सीधे अपनी समस्याएं, शिकायतें, सुझाव और सुरक्षा संबंधी मुद्दे रखने का अवसर मिला है. Saturday को सेंट्रल रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी 29 Police स्टेशनों में इस पहल का पहला चरण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया.
दिल्ली के उपGovernor तरनजीत सिंह संधू के विजन और Police आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य Police सेवाओं को अधिक सुलभ, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाना है. दिल्ली Police का मानना है कि आम लोगों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से जनता का भरोसा बढ़ेगा और शिकायतों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा.
कार्यक्रम के तहत नागरिकों को एक समर्पित मंच उपलब्ध कराया गया, जहां वे Police कार्यप्रणाली, सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़ी अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सके. जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई या मौके पर सत्यापन की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित अधिकारियों को तुरंत सौंप दिया गया, ताकि बिना देरी के कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
सेंट्रल रेंज में आयोजित इस पहले ‘थाना दिवस-जन सुनवाई’ कार्यक्रम में सेंट्रल जिले के 15 और नॉर्थ जिले के 14 Police स्टेशन शामिल रहे. कार्यक्रम के दौरान डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने विभिन्न थानों का दौरा किया, लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं. कई मामलों में मौके पर ही राहत प्रदान की गई, जबकि अन्य मामलों को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया.
संयुक्त Police आयुक्त (सेंट्रल रेंज) आईपीएस अधिकारी मधुर वर्मा ने स्वयं नॉर्थ जिले के सिविल लाइंस थाना और सेंट्रल जिले के दरियागंज थाना में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने नागरिकों से बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की और निष्पक्ष, त्वरित और नागरिक-अनुकूल Policeिंग की आवश्यकता पर बल दिया.
दिल्ली Police के अनुसार, इस कार्यक्रम को जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे.
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एससीएच/एबीएम