पर्सनैलिटी राइट्स केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने संजीव गोयनका को दी बड़ी राहत

New Delhi, 25 अप्रैल . Lucknow सुपर जायंट्स (एलएसजी) के मालिक और उद्योगपति संजीव गोयनका से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में अहम अंतरिम आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, फोटो, पहचान या पर्सनैलिटी से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, चाहे वह कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से ही क्यों न बनाया गया हो.

यह आदेश जस्टिस तुषार राव गेडेला की सिंगल बेंच ने सुनाया. यह मामला गोयनका द्वारा गूगल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि social media पर बड़ी संख्या में ऐसे पोस्ट, वीडियो और एआई से बने कंटेंट फैलाए जा रहे हैं, जो उनकी छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं.

कोर्ट ने शुरुआती तौर पर माना कि गोयनका का केस मजबूत है और अगर अभी रोक नहीं लगाई गई तो उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान हो सकता है. अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद कई पोस्ट और वीडियो पूरी तरह गलत हैं, उनमें अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है और वे सामान्य मजाक या पैरोडी (हास्यपूर्ण नकल) की सीमा से बाहर हैं.

कोर्ट ने साफ किया कि “पब्लिसिटी राइट” यानी किसी व्यक्ति की पहचान का अधिकार उसे यह सुरक्षा देता है कि कोई और उसकी पहचान का इस्तेमाल करके व्यावसायिक फायदा न उठा सके. खासतौर पर एआई और डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अदालत ने इस मामले को गंभीर माना.

अपने आदेश में कोर्ट ने “जॉन डो” यानी अज्ञात लोगों सहित सभी को निर्देश दिया कि वे गोयनका के नाम—जैसे “संजीव गोयनका” या “एस. गोयनका”—उनकी तस्वीर, आवाज या किसी भी तरह की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल न करें. इस रोक में एआई, मशीन लर्निंग, डीपफेक और चैटबॉट से बना कंटेंट भी शामिल है.

इसके साथ ही कोर्ट ने गूगूल, मेटा प्लेटफॉर्म और एक्स कॉर्प जैसे प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि वे ऐसे सभी आपत्तिजनक यूआरएल हटाएं और संबंधित अकाउंट्स की बेसिक जानकारी भी उपलब्ध कराएं. भविष्य में ऐसे कंटेंट की जानकारी मिलने पर उसे तुरंत ब्लॉक करने को भी कहा गया है. जस्टिस गेडेला ने मामले को 16 जुलाई को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने दलीलें पूरी करने के लिए और 18 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के सामने आगे की सुनवाई के लिए लिस्ट किया है.

एसएम/डीकेपी

Leave a Comment