दिल्ली कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले, डीटीसी को मिलेगी सभी बसों की जिम्मेदारी

New Delhi, 23 दिसंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में Tuesday को दिल्ली सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई. इसमें राजधानी के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

बैठक में होलंबी कलां में ई-वेस्ट ईको पार्क स्थापित करने, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस सेवाओं के संचालन को और बेहतर बनाने की योजना, राजधानी की जल संरचनाओं (वाटर बॉडीज) के संरक्षण एवं पुनरुद्धार तथा अगले माह दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित करने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

Chief Minister का कहना है कि ये निर्णय दिल्ली को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इन प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी देते हुए Chief Minister ने कहा कि दिल्ली Government का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राजधानी का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा लाभ आम नागरिकों, विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग और वंचित तबकों तक पहुंचे.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली Government स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत सार्वजनिक परिवहन, जल संरक्षण और टिकाऊ शहरी विकास को प्राथमिकता दे रही है. ई-वेस्ट ईको पार्क जैसी परियोजनाएं जहां पर्यावरण संरक्षण और हरित रोजगार को बढ़ावा देंगी, वहीं डीटीसी बसों के बेहतर संचालन से आम लोगों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी. राजधानी के जलाशयों के पुनरुद्धार से न केवल जल संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी मजबूत होगा.

हमारी Government का मानना है कि दिल्ली को एक ऐसी आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित किया जाए, जहां विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरण सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का समान रूप से ध्यान रखा जाए. इसी सोच के तहत Government दीर्घकालिक और जन-केंद्रित नीतियों पर निरंतर काम कर रही है.

राजधानी दिल्ली में ई-वेस्ट ईको पार्क स्थापित होने जा रहा है. रेखा गुप्ता के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में होलंबी कलां में ईको पार्क को मंजूरी दे दी गई है. इस परियोजना से जुड़े कई अहम चरण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. परियोजना के शुरू होने के बाद होलंबी कलां का यह ई-वेस्ट ईको पार्क देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगा और स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य की दिशा में दिल्ली Government की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा.

Chief Minister ने जानकारी दी कि दिल्ली में हर साल लगभग 2.5 लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट) पैदा होता है. फिलहाल इसका करीब 90 प्रतिशत हिस्सा असंगठित क्षेत्र के जरिए निपटाया जाता है. उन्होंने बताया कि ई-वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान के लिए होलंबी कलां में यह ई-वेस्ट ईको पार्क विकसित किया जाएगा.

Chief Minister के अनुसार, होलंबी कलां में पहले चरण में यह ईको पार्क लगभग 11.4 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा. इसकी न्यूनतम प्रसंस्करण क्षमता 51,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी. यह केंद्र ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के तहत अधिसूचित 100 से अधिक प्रकार के ई-वेस्ट के निपटान में सक्षम होगा. यहां ई-वेस्ट का संग्रह, खोलना, रीसाइक्लिंग, उपयोगी धातुओं की रिकवरी और वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग से संबंधित गतिविधियां की जाएंगी.

परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग की ओर से दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को सौंपी गई है. निजी भागीदार द्वारा इसमें लगभग 250 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है, जबकि इस चरण में Government की ओर से किसी प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है.

Chief Minister के अनुसार, परियोजना से जुड़े कई अहम चरण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल चुकी है और जून 2025 में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा भूमि उपयोग को आवासीय से उपयोगिता श्रेणी में बदलने की स्वीकृति भी दी जा चुकी है. Government का मानना है कि परियोजना के क्रियान्वयन के बाद होलंबी कलां का यह ई-वेस्ट ईको पार्क देश में वैज्ञानिक और टिकाऊ ई-वेस्ट प्रबंधन का उदाहरण बनेगा.

Chief Minister ने यह भी बताया कि कैबिनेट बैठक में राजधानी दिल्ली की जल संरचनाओं (वाटर बॉडीज) के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. राजस्व विभाग की इस योजना के लिए एक नया प्रमुख मद (मेजर हेड) खोलने को भी मंजूरी दी गई.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली Government का उद्देश्य राजधानी में उपेक्षित और क्षतिग्रस्त जल निकायों को पुनर्जीवित कर भूजल स्तर में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों और भूमि स्वामित्व एजेंसियों के अधीन जल निकाय आते हैं, वे सभी अपने-अपने क्षेत्र में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें.

Chief Minister के अनुसार, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा पहले ही जल निकायों के पुनरुद्धार के लिए 19 करोड़ 62 लाख 95 हजार रुपए राजस्व विभाग को हस्तांतरित किए जा चुके हैं. इन निधियों का उपयोग राजस्व विभाग, पंचायत निदेशालय और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जल निकायों के पुनरुद्धार पर किया जाएगा.

इस योजना के तहत जलाशयों की गाद निकासी, चारदीवारी, पैदल पथ या वॉकिंग ट्रैक का निर्माण और उनके पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार जैसे कार्य किए जाएंगे. प्रत्येक राजस्व जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति इस योजना की प्रगति की निगरानी करेगी.

एक अन्य अहम फैसले में कैबिनेट ने दिल्ली की बस सेवाओं का संचालन डीआईएमटीएस से हटाकर डीटीसी को सौंपने को मंजूरी दी है. यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी. Chief Minister ने कहा कि इस फैसले से बस सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, रूट रेशनलाइजेशन आसान होगा और ड्राइवर-कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगी.

एएमटी/वीसी

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