पाकिस्तान: 2025 में हिंसा की घटनाओं में खतरनाक बढ़ोतरी, 74 फीसदी बढ़े मौत के मामले

New Delhi, 2 जनवरी . Pakistan में बीते दस साल में सबसे ज्यादा मिलिटेंट हिंसा से जुड़े मामले देखने को मिले हैं. बांग्लादेशी मीडिया ने Pakistan के एक स्वतंत्र शोध संगठन की रिपोर्ट के हवाले से जानकारी दी है कि 2025 में Political या वैचारिक एजेंडे को हासिल करने के लिए की गई हिंसा में हुए मौत के मामलों में 74 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

Pakistan इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने कहा कि पिछले साल 2025 में हिंसा में कुल 3,413 लोग मारे गए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1,950 था. इनमें से आधे से ज्यादा मौतें Pakistanी सेना की कार्रवाई में हुईं, जिनमें से 2,138 लोग सुरक्षा अभियान के दौरान मारे गए.

बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि पीआईसीएसएस की रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान Pakistan (टीटीपी) के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी के कारण आतंकवादियों की मौत में 124% की बढ़ोतरी बताई गई है.

बीते साल Pakistan और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव देखने को मिला. दोनों देशों में सीमा पर हुए तनाव के बीच इस्लामाबाद ने काबुल पर बॉर्डर पार हमलों की अनुमति देने का आरोप लगाया. हालांकि अफगानिस्तान Government लगातार Pakistan के इन आरोपों को खारिज करती रही है. Pakistan का कहना है कि अफगानिस्तान टीटीपी को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दे रही है.

पीआईसीएसएस के मैनेजिंग डायरेक्टर अब्दुल्ला खान ने कहा कि मरने वालों की संख्या सुसाइड बम धमाकों में बढ़ोतरी और 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद छोड़े गए अमेरिकी सैन्य हथियारों तक मिलिटेंट्स की पहुंच की वजह से बढ़ी.

रिपोर्ट के मुताबिक मरने वालों में 667 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जो 2011 के बाद से 26 फीसदी की बढ़ोतरी है और यह अब तक का सबसे ऊंचा सालाना आंकड़ा है. वहीं आम नागरिकों की मौत 580 तक पहुंच गई, जो 2015 के बाद सबसे ज्यादा है. इसके अलावा, Government समर्थित शांति समितियों के 28 सदस्यों की मौत भी रिपोर्ट में दर्ज की गई है.

पीआईसीएसएस ने 2025 में कम से कम 1,066 आतंकवादी हमलों का जिक्र किया है, जिसमें 26 सुसाइड बॉम्बिंग शामिल हैं. यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 53 फीसदी ज्यादा है. सुरक्षाबलों ने इंटेलिजेंस के ऑपरेशन के दौरान करीब 500 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया.

Pakistan और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर क्रॉसिंग अक्टूबर से बंद है, जिससे व्यापार और यात्रा में रुकावट आ रही है. Pakistan का कहना है कि सीमा को फिर से तभी खोला जा सकता है जब अफगानिस्तान Pakistan पर हमले करने के लिए अपनी जमीन के इस्तेमाल को रोकेगा.

केके/वीसी

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