
New Delhi, 15 मई . पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भाकपा (माले) ने केंद्र Government पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी Government अपनी विदेश और आर्थिक नीतियों की विफलताओं का बोझ आम जनता पर डाल रही है.
भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि Government लंबे समय से आर्थिक संकट से इनकार करती रही, लेकिन 2026 विधानसभा चुनावों के नतीजों और Prime Minister Narendra Modi के ‘ईंधन बचाओ’ बयान के कुछ ही दिनों बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई.
पार्टी ने आरोप लगाया कि Government की विदेश नीति और व्यापारिक हितों को अमेरिका-इजरायल गुट के करीब ले जाने से आर्थिक संकट और गहरा हुआ है. अब Government इस संकट का बोझ आम लोगों पर डाल रही है.
भाकपा (माले) ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी लोगों को कठिन परिस्थितियों में अपने हाल पर छोड़ दिया गया था और अब एक बार फिर Government जवाबदेही से बचते हुए लोगों पर बोझ डाल रही है. पार्टी ने कहा कि लोगों से ईंधन बचाने, सोना कम खरीदने और विदेश यात्राएं कम करने की अपील की जा रही है, जबकि संकट के लिए Government की नीतियां जिम्मेदार हैं.
बयान में कहा गया कि Government ईंधन मूल्य वृद्धि को वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जोड़ रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में गिरावट का फायदा आम जनता को कभी नहीं दिया गया. पार्टी ने आरोप लगाया कि तेल कंपनियों के मुनाफे को बचाने के लिए आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है.
भाकपा (माले) ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और बढ़ेगी तथा जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ेगा. पार्टी के मुताबिक इसका असर खेती, परिवहन और अन्य क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाएंगी.
पार्टी ने दावा किया कि आर्थिक संकट के संकेत पहले से दिखाई दे रहे हैं. बयान में एलपीजी की कमी, रेस्टोरेंट बंद होने, मजदूरों के पलायन और बढ़ती बेरोजगारी का उल्लेख किया गया.
भाकपा (माले) ने केंद्र Government से पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें तुरंत वापस लेने, बाजार आधारित मूल्य निर्धारण नीति खत्म करने और ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है.
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एएमटी/वीसी