
Lucknow, 26 जनवरी . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने Governmentी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संविधान के मूल भाव के प्रति निष्ठा रखने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि संविधान की आत्मा का किसी भी तरह से अनादर करना उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है, जिन्होंने India की आजादी के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया.
अपने संबोधन में Chief Minister ने राष्ट्र के निर्माताओं और वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा, “मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस को सादर नमन करता हूं. साथ ही, स्वतंत्र India की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात और अज्ञात वीरों को भी मेरी विनम्र श्रद्धांजलि. मैं उनके त्याग और बलिदान के सामने नतमस्तक हूं.”
संविधान के महत्व पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि India को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली, लेकिन देश का संविधान बाद में बना. उन्होंने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में देश ने अपना संविधान तैयार किया, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहा है. हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान के प्रति पूरी आस्था, सम्मान और समर्पण के साथ काम करे.
Chief Minister ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण ही देश के प्रति नागरिकों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. जब हम संविधान के मूल सिद्धांतों और उसकी भावना का पालन करते हैं, तब हम वास्तव में उन महान सपूतों को सम्मान देते हैं, जिनके बलिदान से एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की नींव पड़ी.
नागरिकों की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संविधान का असली रक्षक देश का नागरिक है. जब भी हम संविधान की मूल भावना का अनादर करते हैं, तो यह सीधे-सीधे उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी.
Chief Minister ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के दिन 1950 में India का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, लोकतांत्रिक, और गणराज्य बना. आजादी के बाद कुछ समय तक देश में ब्रिटिश काल के 1935 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट और कॉमन लॉ सिस्टम के तहत कानून चलते रहे.
स्वतंत्रता के लगभग दो सप्ताह बाद संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे. लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया, जिसे आज ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ और India ने औपचारिक रूप से एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की.
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वीकेयू/एएस