
ग्रेटर नोएडा, 5 मार्च . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Thursday को ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में बने केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण भी किया और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम में India के पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव और गौतमबुद्ध नगर से सांसद महेश शर्मा भी मौजूद रहे.
सीएम योगी ने अपने संबोधन में डॉक्टरों के व्यवहार और आत्मविश्वास की अहमियत बताते हुए एक रोचक उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब कपिल देव गेंदबाजी करने मैदान में उतरते थे तो Pakistan की टीम मैच शुरू होने से पहले ही आधा हार मान लेती थी. उसी तरह अगर डॉक्टर आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ मरीज का इलाज करें तो उसकी बीमारी आधी वहीं खत्म हो जाती है.
उन्होंने कहा कि जब दवा और दुआ दोनों मिल जाती हैं तो मरीज जल्दी स्वस्थ होता है और अस्पताल की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है. सीएम योगी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना एनसीआर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे क्षेत्र के नागरिकों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र हर व्यक्ति के लिए अत्यंत जरूरी है और हर नागरिक बेहतर इलाज की अपेक्षा रखता है. Government लगातार इस दिशा में प्रयास कर रही है, लेकिन व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता भी जरूरी है.
Chief Minister ने बताया कि Prime Minister Narendra Modi द्वारा शुरू की गई आयुष्मान India Prime Minister जन आरोग्य योजना आज देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बन चुकी है. इस योजना से देशभर में करीब 60 करोड़ लोग जुड़े हैं. उत्तर प्रदेश में ही 5 करोड़ से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं, जिनके माध्यम से उन्हें पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है. सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का बनना अच्छी बात है, लेकिन यह भी जरूरी है कि Governmentी दरों और निजी अस्पतालों की फीस के बीच संतुलन बना रहे, ताकि आम आदमी को सस्ता और भरोसेमंद इलाज मिल सके.
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 तक देश में केवल छह एम्स संचालित थे, जबकि आज 23 विश्वस्तरीय एम्स संस्थान काम कर रहे हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में 2017 तक 17 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ नीति के तहत 75 जिलों में लगभग 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं या निर्माणाधीन हैं. करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बना केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल 300 बेड की आधुनिक सुविधा से लैस है. यहां कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी. अस्पताल में हाईटेक मशीनों से उन्नत सर्जरी की सुविधा भी दी जाएगी.
इस अस्पताल के शुरू होने से करीब 1000 लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है. कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने Chief Minister का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे Government के भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे और इस अस्पताल के माध्यम से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान बनाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि यह संस्थान उत्तर प्रदेश का नाम देश और विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
–
पीकेटी/डीकेपी