सीएम योगी ने बदलते मौसम की निगरानी के दिए निर्देश, आपदा से हुए नुकसान पर जताया दुख

Lucknow, 1 मई . प्रदेश में भीषण गर्मी और इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें.

Friday को कृषि, जलशक्ति, पशुधन, समाज कल्याण एवं उद्यान विभाग के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Chief Minister ने पूर्व में सूखा प्रभावित रहे 18 जनपदों में विशेष निगरानी रखने, 15 जून से 30 जुलाई के बीच निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिति का समयबद्ध आकलन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ से सहायता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए. उन्होंने शासन से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए और कहा कि आवश्यक जानकारी Chief Minister कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी को उपलब्ध कराई जाए.

Chief Minister ने संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग करने और जल संरक्षण को गति देने के लिए 30 मई तक नहरों, तालाबों एवं पोखरों की डी-सिल्टिंग पूर्ण कराने को कहा. साथ ही तालाबों से निकली मिट्टी प्रजापति समाज एवं पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा इस संबंध में जिलाधिकारियों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राहत कार्यों के साथ आजीविका के अवसर भी सृजित हो सकें. Chief Minister ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए. पाइप्ड पेयजल योजनाओं के साथ वैकल्पिक व्यवस्थाएं, जैसे टैंकर आदि, पूरी तरह तैयार रखी जाएं.

वन विभाग को अभ्यारण्यों एवं पक्षी विहारों में वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जल, चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए Chief Minister ने वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सभी नलकूपों को क्रियाशील रखने, समय से मरम्मत सुनिश्चित करने तथा सिंचाई हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने जल के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में जल की कमी न हो और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए. फसल सुरक्षा की दृष्टिगत Chief Minister ने अनुदानित बीज वितरण तथा कृषि परामर्श के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए.

फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए उन्होंने नुकसान की स्थिति में समयबद्ध आकलन एवं क्लेम निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े. खाद्यान्न सुरक्षा के संबंध में उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने, पर्याप्त भंडारण बनाए रखने तथा आवश्यकतानुसार केंद्र Government से अतिरिक्त आवंटन प्राप्त करने के निर्देश दिए. साथ ही जमाखोरी एवं कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत Chief Minister ने हीट स्ट्रोक, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में समुचित व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए.

साथ ही, पशुधन की सुरक्षा हेतु निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में पेयजल उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने पर भी उन्होंने बल दिया. अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाते हुए मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर आमजन एवं किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए. साथ ही 19 हजार से अधिक प्रशिक्षित आपदा मित्रों, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की सेवाएं आवश्यकता अनुसार लेने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

हाल के आंधी-तूफान में हुई जनहानि पर दुःख व्यक्त करते हुए Chief Minister ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए. कृषि तैयारियों की समीक्षा करते हुए Chief Minister ने खाद की उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, साथ ही सहकारिता विभाग को भी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा. खाद वितरण में पारदर्शिता हेतु फार्मर रजिस्ट्री व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए. प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए Chief Minister ने कहा कि इससे लागत में कमी के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. खरीफ फसल वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए Chief Minister ने नहर प्रणालियों के प्रभावी संचालन, टेल फीडिंग के माध्यम से अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने तथा जल संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया.

उन्होंने निर्देश दिए कि नहरों का संचालन केवल हेड रीच तक सीमित न रहे, बल्कि टेल एंड तक समान रूप से पानी पहुंचे. इसके लिए फील्ड स्तर पर कड़ी निगरानी, जवाबदेही निर्धारण एवं नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए. Chief Minister ने नहरों की सिल्ट सफाई एवं रखरखाव कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सिंचाई तंत्र की दक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि राज्य Government की प्राथमिकता किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना है और इसके लिए टेल फीडिंग अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ लागू किया जाए, ताकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े.

विकेटी/डीएससी

Leave a Comment