
New Delhi, 19 अप्रैल . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Lok Sabha में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित न होने पर निराशा व्यक्त की है. Sunday को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि स्वतंत्रता के 78 वर्षों बाद भी देश की बेटियों को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है. Chief Minister ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर था, जब सभी दलों को एकजुट होकर महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने इस मौके को गंवा दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कोटे में कोटा और परिसीमन जैसे मुद्दों को बहाना बनाकर विधेयक को रोकने की कोशिश की. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2023 में इसी तरह के प्रावधानों वाले विधेयक का समर्थन किया गया था, तो इस बार विरोध क्यों किया गया.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में साथ देने के बजाय इसे टालने की राजनीति कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली नेता इस मुद्दे पर पीछे हट गईं. Chief Minister ने विपक्ष के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें विधेयक पारित न होने को लोकतंत्र की जीत बताया गया. उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि बेटियों के स्वाभिमान की हार में लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है?
रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा यह मुद्दा पिछले 30 वर्षों से लंबित है. देश की महिलाओं को उम्मीद थी कि इस बार सभी दल राजनीति से ऊपर उठकर इसका समर्थन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाया गया, जबकि यह पहले से तय और आवश्यक प्रक्रिया है. 2023 के विधेयक में इससे जुड़ी सभी बातें स्पष्ट थीं, इसके बावजूद इसे मुद्दा बनाया गया.
विपक्षी दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए Chief Minister ने कहा कि कुछ दल नहीं चाहते कि आम महिलाएं राजनीति में आगे आएं. कांग्रेस और Samajwadi Party का उदाहरण देते हुए Chief Minister ने कहा कि ये दल केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही आगे बढ़ाना चाहते हैं.
Prime Minister Narendra Modi का जिक्र करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने इस विधेयक के जरिए महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने का सबसे बेहतर फॉर्मूला प्रस्तुत किया था. उन्होंने यह भी कहा कि Prime Minister ने विपक्ष को इसका श्रेय लेने तक का अवसर दिया, लेकिन विपक्ष इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ. उन्होंने आगे कहा कि देश की महिलाएं और बेटियां अब खुद अपनी लड़ाई लड़ेंगी और अपना स्थान बनाकर रहेंगी. उन्होंने भरोसा जताया कि जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहता है और कौन उन्हें रोक रहा है.
–
पीएसके