
कोलकाता, 17 मार्च . भाजपा पश्चिम बंगाल मुख्यालय, 6 मुरलीधर सेन लेन से पूर्व आईपीएस अधिकारी और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष ने राज्य के मौजूदा गंभीर मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखा हमला बोला. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो और Chief Minister ममता बनर्जी पर हिंदू-विरोधी, भड़काऊ और असामाजिक बयानबाजी का आरोप लगाया.
भारती घोष ने कहा कि ममता बनर्जी लगातार ऐसे बयान दे रही हैं जो राज्य की एकता और हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं. उन्होंने एक टीएमसी सांसद के बयानों का जिक्र किया, जिसमें पत्रकारों को ‘दो पैसे’ का बताया गया और कहा गया कि टीएमसी से न जुड़ने वाला व्यक्ति बंगाली नहीं है. उन्होंने इसे बंगाली संस्कृति और परंपरा का अपमान करार दिया, जो अनादि काल से चली आ रही है और किसी पार्टी की बपौती नहीं. उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं और मतुआ समुदाय पर अपमानजनक टिप्पणियों का भी उल्लेख किया.
उन्होंने ममता बनर्जी पर हिंदू समुदाय को धमकी देने का आरोप लगाया कि यदि कोई विशेष समुदाय एकजुट होता है तो उन्हें बर्बाद कर दिया जाएगा. घोष ने कहा कि Chief Minister और गृह मंत्री होने के नाते सभी नागरिकों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है. यह खुदीराम बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती है, जहां ऐसी उकसावे वाली बातों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है. उन्होंने अपील की कि हर हिंदू बंगाली एकजुट होकर टीएमसी को सत्ता से बेदखल करे.
उन्होंने टीएमसी Government पर भ्रष्टाचार, महिलाओं की असुरक्षा और आर्थिक पतन के आरोप लगाए और कहा कि राज्य में बलात्कार और हत्याओं की घटनाएं बढ़ी हैं, जैसे आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ क्रूरता. Chief Minister इन्हें इक्का-दुक्का बताती हैं या पीड़ित को दोष देती हैं. उन्होंने कहा कि 26,000 से ज्यादा बंगाली युवाओं ने Governmentी नौकरियां खो दीं, बंगाली लड़कियों के साथ अपराध हुए.
भारती घोष ने महंगाई भत्ता (डीए) के मुद्दे पर टीएमसी को घेरा और कहा कि 2008 से कर्मचारियों के डीए के भुगतान में देरी हुई, Supreme Court के फैसले के बावजूद पुनर्विचार याचिका दायर की गई. उन्होंने टीएमसी पर राजीव कुमार जैसे व्यक्तियों को राज्यसभा भेजने और गैर-बंगाली को तरजीह देने का आरोप लगाया.
उन्होंने आर्थिक आंकड़ों का हवाला दिया कि टीएमसी शासन में 2.68 करोड़ युवा प्रवासी मजदूर बने, हजारों उद्योग बाहर चले गए, एमएसएमई क्षेत्र चरमरा गया. उन्होंने चुनाव आयोग के हालिया फैसलों का स्वागत किया, जिसमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, एडीजी (कानून-व्यवस्था) विनीत गोयल जैसे अधिकारियों का तबादला किया गया, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो.
भारती घोष ने कहा कि टीएमसी शासन में बंगाल भय और अराजकता के माहौल में जी रहा है. पार्टी ने पार्थ चटर्जी, ज्योतिप्रिय मल्लिक जैसे नेताओं के नेतृत्व में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया. उन्होंने लोगों से टीएमसी के खिलाफ मतदान कर ‘सोनार बांग्ला’ की बहाली की अपील की.
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एससीएच