
नैनीताल, 5 जून . विश्व पर्यावरण दिवस पर Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. हमें अपने बच्चों को एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण देना है.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “सबसे पहले मैं विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को बधाई देता हूं. पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. उत्तराखंड हिमालय की भूमि है. हिमालय, गंगा, यमुना और कई अन्य नदियां लोगों को पानी और जीवन देती हैं. हमारे राज्य का 71 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा जंगलों से घिरा है. पर्यावरण की रक्षा करना और लोगों के लिए साफ हवा और पानी सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. सबसे जरूरी बात यह है कि हमें अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण देना चाहिए.”
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चुनाव को लेकर कहा कि उनकी Government का मुख्य फोकस जनसेवा और राज्य के विकास पर है. उन्होंने कहा, “चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमारी जिम्मेदारी उत्तराखंड की जनता की सेवा करना है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में हम उत्तराखंड को देश का सबसे अच्छा राज्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं. यही हमारा मुख्य लक्ष्य है. हम हर पल इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उत्तराखंड की जनता ने हमेशा हमें अपना आशीर्वाद दिया है.”
उन्होंने कैंची धाम के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास पर कहा, “यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है, और हम इसके लिए एक बाईपास बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बाईपास प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू होगा. भवाली बाईपास का काम पहले ही शुरू हो चुका है. हम इस पर लगातार काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम आते हैं. इसके प्रति लोगों की गहरी आस्था है. साथ ही, रानीखेत और अन्य जगहों पर जाने वाले पर्यटक, होटल मालिक, दुकानदार, व्यापारी, टैक्सी ड्राइवर और पर्यटन से जुड़े अन्य लोग भी प्रभावित होते हैं. हम इस मामले पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं. प्रक्रिया चल रही है और Government ने पहले ही कदम उठाए हैं. कैंची धाम, केदारखंड, मानसखंड, चार धाम सर्किट और आदि कैलाश सहित हमारे सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है.”
उत्तराखंड पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है. देश में उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता. हो सकता है कि उन्हें खुद भी पता न हो कि वे क्या कहते या करते हैं. एक समय था जब राहुल गांधी राजनीति में आए थे और उनकी पार्टी ने उन्हें बार-बार लॉन्च और री-लॉन्च किया. तब से कई साल बीत चुके हैं, लेकिन वे अभी भी खुद को स्थापित नहीं कर पाए हैं.
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एएसएच/डीकेपी