राहुल गांधी का कार्यक्रम वंदे मातरम से ध्यान भटकाने की कोशिश: चिराग पासवान

Mumbai , 22 अगस्त . Union Minister चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को वंदे मातरम से ध्यान भटकाने वाला बताया.

चिराग पासवान ने Saturday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि लोकतंत्र में सभी को हर मुद्दे पर विरोध करने का पूरा अधिकार है. यह अधिकार हमें अभिव्यक्ति की आजादी के तहत दिया गया है, लेकिन राहुल गांधी विरोध प्रदर्शन ‘वंदे मातरम’ से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं, जिसे देश की जनता मौजूदा समय में भलीभांति समझ भी रही है.

उन्होंने जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन पर कहा कि आज राहुल गांधी इतने दिन बीत जाने के बाद सुनियोजित तरीके से इस मुद्दे का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस के इस कदम ने देश के लाखों लोगों की भावनाओं को आहत करने का काम किया है. मुझे इससे ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कांग्रेस हमेशा से ही यही सोच रही है कि कैसे भी करके मूल मुद्दों से ध्यान लोगों से भटकाया जाए.

चिराग पासवान ने आगे कहा कि ऐसा करके ये लोग सदन की कार्यवाही में बाधा पैदा करने की कोशिश करते हैं. इससे मूल मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती है. कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती थी, लेकिन कांग्रेस के दोहरे रवैये की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हो जाती है. ऐसी स्थिति में कांग्रेस को यही सुझाव है कि वह अपनी स्थिति में सुधार लाने का काम करे. तभी उसे आगे चलकर अपनी Political स्थिति में किसी भी प्रकार का सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा, अन्यथा उसे लगातार इसी तरह से निराशा मिलती रहेगी.

साथ ही, Union Minister चिराग पासवान ने Patna में तेजस्वी यादव के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता हूं. उन्हें विरोध प्रदर्शन करने का पूरा हक है. वो एक युवा नेता है, अगर उन्हें लगता है कि किसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए, तो बिल्कुल सामने आए और अपनी आवाज को बुलंद करने का काम करें. मैं खुद निजी तौर पर इस बात की कोशिश करता हूं कि जिन मुद्दों के बारे में केंद्र Government को मालूम नहीं है, मैं उसकी जानकारी Government तक पहुंचा सकूं, ताकि उस दिशा में काम हो सके. ऐसी स्थिति में तेजस्वी यादव पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है, क्योंकि उनके कांधों पर नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी है. मेरा तेजस्वी यादव को सुझाव है कि अगर वह इन मुद्दों को उस वक्त उठाते, जब सदन चल रहा था तो अच्छा होता.

वहीं, उन्होंने दिल्ली में आरक्षण को लेकर हो रहे आंदोलन पर भी अपना पक्ष रखा. उनके मुताबिक, आरक्षण एक ऐसा विषय है, जो देश के लोगों के बीच में आक्रोश पैदा कर सकता है. यह एक संवेदनशील विषय है. ये लोग किस सोच के साथ अनशन पर बैठे हैं? जब ये लोग Government के साथ संवाद करेंगे तो जरूरी इनकी सुनी जाएगी. इनकी मांगों पर विचार किया जाएगा. आर्थिक आधार पर आरक्षण इसी Government की ओर से दिया जा चुका है.

साथ ही, उन्होंने प्याज और चीनी के बढ़े हुए दामों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उनके मुताबिक, चीनी के बढ़े हुए दाम Government के लिए चिंता का विषय हैं. इसे लेकर चर्चा जारी है कि कैसे जल्द से जल्द इसकी कीमतों को काबू में किया जा सके. जितना अपेक्षित उत्पादन होना था, उतना उत्पादन नहीं हो पाया, लेकिन मैं मानता हूं कि ये वर्तमान चुनौतियां हैं. आगे चलकर इनसे निपट लिया जाएगा.

एसएचके/डीकेपी

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