‘पौधों के बड़े होने तक उनकी देखभाल करें’; एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल की नागरिकों से अपील

New Delhi, 23 अगस्त . New Delhi नगर परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने Sunday को अलीगंज के मल्टी-स्टोरी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में पौधे लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम ऑन संडे’ अभियान की शुरुआत की. उन्होंने निवासियों से अपील की कि वे पौधों के बड़े पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करते रहें.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम Prime Minister Narendra Modi की देशव्यापी अपील ‘एक पेड़ मां के नाम’ से प्रेरित ‘एक पेड़ मां के नाम ऑन संडे’ अभियान का लगातार 38वां Sunday था.

चहल ने कहा कि लगातार 38 Sundayों तक नागरिकों की भागीदारी यह दिखाती है कि पर्यावरण संरक्षण धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन बनता जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यह अभियान पेड़ लगाने की गतिविधियों को केवल एक दिन या मौके तक सीमित रखने के बजाय, लोगों की लगातार भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है.

Sunday को बड़ी संख्या में युवा, स्थानीय निवासी, महिलाएं, बच्चे, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधि और एनडीएमसी के अधिकारी व कर्मचारी पेड़ लगाने के अभियान में शामिल हुए.

इस मौके पर बोलते हुए चहल ने कहा कि यह अभियान अब सिर्फ मिट्टी में पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों और उनके आसपास के पेड़ों के बीच एक व्यक्तिगत जुड़ाव बनाने के बारे में है.

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष ने कहा, “पौधा लगाने में कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन उसे पेड़ बनाने के लिए सालों तक देखभाल की जरूरत होती है. हमारी असली जिम्मेदारी पेड़ लगाने के बाद शुरू होती है. हर पौधे को जीवित रहने और बढ़ने के लिए पानी, सुरक्षा और नियमित देखभाल की जरूरत होती है.”

उन्होंने युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक पीढ़ी बनाने के लिए उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि जब युवा नागरिक पेड़ लगाने में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और पेड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी लेते हैं तो पर्यावरण संरक्षण का संदेश हर घर और मोहल्ले तक पहुंचता है.

चहल ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की अनूठी ताकत इसके भावनात्मक जुड़ाव में है.

अपनी मां के नाम पर एक पेड़ समर्पित करके, यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता में बदल देता है.

उन्होंने कहा, “हमारी मां जीवन भर हमारी देखभाल करती हैं. जब हम उनके नाम पर कोई पेड़ लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं तो हम प्रकृति के प्रति भी देखभाल की वही भावना दिखाते हैं. आज हम जिस पेड़ की रक्षा करते हैं, वह कल किसी को छाया, साफ हवा और स्वस्थ वातावरण दे सकता है.”

उन्होंने निवासियों और आरडब्ल्यूए से तीन चरणों वाला एक सरल संकल्प लेने का आह्वान किया कि लगाएं, रक्षा करें और देखभाल करें.

उन्होंने कहा कि नागरिकों को पेड़ लगाने के बाद अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं माननी चाहिए. इसके बजाय उन्हें नियमित रूप से पौधों की निगरानी करनी चाहिए, पानी देना सुनिश्चित करना चाहिए, उन्हें नुकसान से बचाना चाहिए और उनके शुरुआती विकास के वर्षों में जीवित रहने में मदद करनी चाहिए.

इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े कई नागरिक और रखरखाव संबंधी मुद्दे उठाए, जिनमें सीपेज, खिड़कियों की मरम्मत और रखरखाव के अन्य मामले शामिल थे.

चहल ने संबंधित एनडीएमसी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर जांच करें और निवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करें.

उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए और नागरिकों के साथ नियमित बातचीत से जमीनी स्तर की जरूरतों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है और इससे एनडीएमसी को स्थानीय समस्याओं पर बेहतर ढंग से कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

एससीएच/डीकेपी

Leave a Comment