छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने अपने पद से दिया इस्तीफा

रायपुर/बिलासपुर, 21 दिसंबर . छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वरिष्ठ विधि अधिकारी के इस्तीफे से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि राज्य Government महाधिवक्ता कार्यालय में व्यापक सुधारों की ओर अग्रसर है.

मरहास छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की बिलासपुर बेंच में एडवोकेट जनरल के कार्यालय में कार्यरत थे.

उनके इस्तीफे के बाद एडवोकेट जनरल के कार्यालय में महत्वपूर्ण बदलावों की उम्मीद की जा रही है. बता दें कि एडवोकेट जनरल कार्यालय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में राज्य Government का कानूनी प्रतिनिधित्व संभालता है.

पिछले महीने एडवोकेट जनरल प्रफुल्ला भरत ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे हाई कोर्ट से जुड़े कई वकील आश्चर्यचकित रह गए थे.

अब, एडवोकेट जनरल के इस्तीफे के लगभग एक महीने बाद अतिरिक्त एडवोकेट जनरल रणवीर सिंह मरहास ने भी विधि एवं विधान विभाग के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

रोचक बात यह है कि एडवोकेट जनरल प्रफुल्ला भरत और अतिरिक्त एडवोकेट जनरल रणवीर सिंह मरहास दोनों ने ही अपने इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया. हालांकि, दोनों के इस्तीफे पत्रों की सामग्री लगभग एक जैसी बताई जा रही है, जिससे संकेत मिलता है कि ये निर्णय व्यक्तिगत कारणों के बजाय संस्थागत परिवर्तनों से अधिक जुड़े हो सकते हैं.

रणवीर सिंह मरहास ने पत्र में लिखा कि पिछले दो वर्षों तक अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात थी.

इस दौरान उन्हें राज्य के कानूनी मामलों में योगदान देने और विभिन्न न्यायालयों में Government का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला. उन्होंने Government द्वारा दिखाए गए विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया और अब पद छोड़ने का उचित समय है.

प्रफुल्ला भरत के इस्तीफे के बाद राज्य Government ने 21 नवंबर, 2025 को विवेक शर्मा को छत्तीसगढ़ का महाधिवक्ता नियुक्त किया.

विवेक शर्मा छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे कम उम्र के महाधिवक्ता हैं. वे इससे पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में वकालत करने का उन्हें व्यापक अनुभव है.

एमएस/डीकेपी

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