छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ आठवीं पूरक चार्जशीट दाखिल

रायपुर, 22 दिसंबर ( ). छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व Chief Minister भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. Enforcement Directorate (ईडी) ने Monday को रायपुर की विशेष अदालत में उनके खिलाफ आठवीं पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह चार्जशीट करीब 3200 पन्नों की है. अब तक इस मामले में मूल सहित कुल आठ चार्जशीट कोर्ट में पेश की जा चुकी हैं.

नई चार्जशीट में गिरफ्तार सभी आरोपियों की जांच की मौजूदा स्थिति का ब्योरा दिया गया है. साथ ही डिजिटल सबूतों की रिपोर्ट भी शामिल की गई है. जिन आरोपियों की जांच अभी जारी है, उनके बारे में भी वर्तमान स्थिति का जिक्र किया गया है. मामले की जांच लगातार चल रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना है.

जांच एजेंसी के मुताबिक, चैतन्य बघेल की भूमिका शराब घोटाले में काफी अहम थी. वे आबकारी विभाग में अवैध वसूली के तंत्र यानी सिंडिकेट को बनाने, उसका समन्वय करने और संरक्षण देने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे. वे प्रशासनिक स्तर पर सिंडिकेट के हितों के अनुसार काम करने वाले अधिकारियों जैसे अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया, अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास के साथ जमीनी स्तर के लोगों जैसे अनवर ढेबर, अरविंद सिंह और विकास अग्रवाल के बीच तालमेल बैठाते थे और उन्हें निर्देश देते थे.

चैतन्य बघेल अनवर ढेबर की टीम से घोटाले की रकम इकट्ठा करवाते थे और अपने भरोसेमंद लोगों के जरिए इसे ऊपरी स्तर तक पहुंचाते थे. उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों की विभिन्न कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी की रकम ली और बैंक के माध्यम से इसे अपनी पारिवारिक फर्मों में ट्रांसफर किया. इस पैसे का इस्तेमाल चल रही रियल एस्टेट परियोजनाओं में किया गया. इसके अलावा अपने परिवार के दोस्तों और सहयोगियों के जरिए भी बड़ी रकम बैंकिंग चैनल से हासिल कर उसमें निवेश किया गया.

जांच में सबूत मिले हैं कि चैतन्य बघेल ने करीब 200 से 250 करोड़ रुपए अपने हिस्से में लिए. सिंडिकेट को मिलने वाले उच्चस्तरीय संरक्षण, नीतिगत हस्तक्षेप और प्रभाव की वजह से यह घोटाला लंबे समय तक चल सका. अब तक की गणना के अनुसार घोटाले की कुल रकम 3074 करोड़ रुपए बताई गई है, लेकिन आगे की जांच में यह 3500 करोड़ से ज्यादा होने की आशंका है.

एसएचके/वीसी

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