
New Delhi, 21 अप्रैल . कांग्रेस ने Tuesday को Prime Minister Narendra Modi और केंद्र Government पर महिला आरक्षण लागू करने में देरी करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहले ही Prime Minister को पत्र लिखकर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की मांग कर चुके हैं. इसके बावजूद केंद्र ने अभी तक महिला आरक्षण लागू नहीं किया है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर 20 सितंबर 2017 को सोनिया गांधी के पत्र को साझा करते हुए लिखा, “तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण बिल पास कराने के संबंध में Prime Minister मोदी को पत्र लिखा था. कांग्रेस पार्टी का रुख इस मामले पर हमेशा अडिग और एक जैसा रहा है. यह मोदी Government ही है, जिसने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर इसे परिसीमन से जोड़कर इसमें देरी करने की कोशिश की.”
जयराम रमेश ने दूसरे पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी ने 16 जुलाई 2018 को Prime Minister को पत्र लिखकर महिलाओं के लिए आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी. इस मांग पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया. आठ साल बाद भी Prime Minister आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसके लागू होने में देरी करना चाहते हैं.”
दरअसल, महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है. इसको लेकर विपक्षी दल केंद्र Government पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि परिसीमन विधेयक मंजूर नहीं हुआ इसलिए मोर्चा निकाला जा रहा है. महिला आरक्षण विधेयक 2023 में मंजूर हुआ. President ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए और भाजपा ने विधेयक का अध्यादेश निकालकर लागू करना शुरू कर दिया है तो कौन से महिला आरक्षण विधेयक को लेकर मोर्चा निकाला जा रहा है?
संजय राउत ने कहा कि Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को सबसे पहले Lok Sabha का डिबेट सुनना चाहिए. उन्होंने कहा कि आप (Chief Minister ) डिबेट के लिए ऐसे व्यक्ति को लेकर आएं, जो हमारे लेवल का हो. उन्होंने कहा कि Prime Minister को बुलाइए.
दूसरी तरफ, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा जानती है कि यह विधेयक 2023 में ही पास हो चुका था. हमने इस विधेयक को पास कर दिया है. यह ढाई साल पहले हुआ था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा है.
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ओपी/एबीएम