
New Delhi, 3 मई . केंद्र Government ने Sunday को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि आधार कार्ड्स के एक आसान फॉर्मेट को जल्द ही शुरू किया जाएगा और उसमें केवल फोटोग्राफ एवं क्यूआर दिया गया होगा.
केंद्र ने इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और साथ ही, इस तरह के दावों को भ्रामक बताया.
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आधार के फॉर्मेट में बदलाव से संबंधित समाचार और social media पोस्ट गलत हैं और जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहे हैं.
मंत्रालय ने कहा, “बीच-बीच में ऐसी खबरें और social media पोस्ट आ रही हैं जिनमें बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक आधार का स्वरूप बदलकर सिर्फ एक फोटो और एक क्यूआर कोड रह जाएगा. यह सही नहीं है. इस तरह के किसी भी बदलाव की कोई योजना नहीं है.”
मंत्रालय ने आगे कहा, “ऐसी खबरें और social media पोस्ट लोगों के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं.”
मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा सत्यापित चैनलों और पीआईबी के माध्यम से जारी प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से दी गई आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को बढ़ावा न दें.
यह स्पष्टीकरण ऑनलाइन फैल रही उन अफवाहों के बीच आया है कि आधार कार्ड में जल्द ही एक बड़ा बदलाव हो सकता है.
Government ने दोहराया कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है और नागरिकों से भ्रामक पोस्टों को नजरअंदाज करने का आग्रह किया है.
यह बयान आधार के विशाल आकार और महत्व को देखते हुए महत्वपूर्ण है, जो दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बन गई है.
Government के अनुसार, आधार के वर्तमान में लगभग 134 करोड़ उपयोगकर्ता हैं और इसने अब तक 17,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन को सुगम बनाया है.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा संचालित, आधार प्रणाली विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए पहचान सत्यापन को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
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एबीएस/