
New Delhi, 17 जुलाई . होम बायर्स के साथ बड़े पैमाने पर हो रही धोखाधड़ी की चल रही जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने Bengaluru स्थित एक आवास परियोजना से संबंधित कथित धोखाधड़ी गतिविधियों के संबंध में मेसर्स ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. उक्त चार्जशीट Bengaluru स्थित एसीजेएम (सीबीआई मामले) की अदालत में दाखिल की गई है.
सीबीआई द्वारा की गई जांच से पता चला है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशक ने आपराधिक साजिश के तहत कथित तौर पर भोले-भाले घर खरीदारों/निवेशकों को झूठे आश्वासनों, गुमराह करने वाले बयानों और धोखे भरे वादों के माध्यम से बहकाया, जिससे बेईमानी से वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ और पीड़ितों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया गया.
जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित आरोपों के लिए सक्षम न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई है.
सीबीआई वर्तमान में Supreme Court के निर्देशों के तहत देश भर की विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ घर खरीदारों से जुड़े कथित धोखाधड़ी और धन के गबन के मामलों में दर्ज 32 अन्य मामलों की जांच कर रही है.
सीबीआई ने अब तक मेसर्स रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड, मेसर्स एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड, मेसर्स डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी और मेसर्स साहा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 16 आरोपपत्र दायर किए हैं.
सीबीआई आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है, विशेष रूप से ऐसे मामलों में जो आम नागरिकों और घर खरीदारों के हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं.
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एमएस/