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Friday, 30 October 2026
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सीबीआई की कार्रवाई, 2021 बंगाल चुनाव के बाद हिंसा में हुई हत्या के मामले में घोषित अपराधी गिरफ्तार

सीबीआई की कार्रवाई, 2021 बंगाल चुनाव के बाद हिंसा में हुई हत्या के मामले में घोषित अपराधी गिरफ्तार

गुवाहाटी, 6 अगस्त . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Thursday को गुवाहाटी से घोषित अपराधी अरूप दास उर्फ ​​बापी दास को गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान अभिजीत Government की हत्या के मामले में की गई है.

सीबीआई के अनुसार, आरोपी 2021 में केस दर्ज होने के बाद से ही फरार था और न तो जांच में शामिल हुआ और न ही ट्रायल कोर्ट के सामने पेश हुआ. केंद्रीय एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी प्राप्त करने के लिए 50,000 रुपए के नकद इनाम की भी घोषणा की थी.

सीबीआई ने बताया कि जांच टीम द्वारा जुटाई गई ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल जानकारी के आधार पर आरोपी का पता लगाया गया और उसे गुवाहाटी में गिरफ्तार किया गया.

यह मामला 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत Government की कथित हत्या से जुड़ा है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद हुई व्यापक हिंसा के दौरान हुई थी.

कलकत्ता हाई कोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. इसके बाद एजेंसी ने नारकेलडांगा Police स्टेशन से मामला अपने हाथ में लिया और First Information Report दर्ज करने के बाद 25 अगस्त 2021 को केस रजिस्टर किया.

जांच के बाद सीबाआई ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत 38 आरोपियों के खिलाफ 2021 और 2025 में चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कीं.

सीबाआई की ओर से जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें अरूप दास उर्फ ​​बापी दास, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक परेश पाल और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार और पापिया घोष शामिल हैं.

यह मामला अभी कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट में चल रहा है. जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपी को कोलकाता लाया जाएगा और Friday को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा.

बता दें कि अभिजीत Government हत्याकांड उन कई मामलों में से एक है, जो पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े हैं. Political रूप से प्रेरित हमलों और स्थानीय Police की अपर्याप्त कार्रवाई के आरोपों के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए इन मामलों को सीबीआई को सौंप दिया था.

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डीके/डीकेपी

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