जातिगत जनगणना से खुलेगी हर वर्ग की असली तस्वीर : रामदास आठवले

नागपुर, 18 मई . केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने Prime Minister Narendra Modi को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने, जातिगत जनगणना, केरल की राजनीति और नीट पेपर लीक जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

Prime Minister मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर रामदास आठवले ने कहा कि यह India के लिए गर्व का क्षण है. Prime Minister Narendra Modi को स्वीडन में बहुत प्रतिष्ठित सम्मान मिला है. उन्होंने पूरी दुनिया में एक लोकप्रिय और मजबूत नेता की छवि बनाई है.

जातिगत जनगणना को लेकर उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से वर्ष 2021 में जनगणना नहीं हो पाई थी. अब Government ने फैसला लिया है कि जाति के आधार पर जनगणना की जाएगी.

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इससे हर जाति की सही आबादी और प्रतिशत की जानकारी सामने आएगी. साथ ही अलग-अलग जातियों की आर्थिक स्थिति का भी पता चलेगा कि कितने लोग गरीब हैं और कितने लोग संपन्न हैं. उनके मुताबिक इससे Government को हर वर्ग तक योजनाओं और मदद को बेहतर तरीके से पहुंचाने का मौका मिलेगा.

उन्होंने बौद्ध समाज को मिलने वाले आरक्षण पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कई Political दलों और संगठनों ने आंदोलन किए थे, जिसमें उनकी पार्टी भी शामिल थी. इसके बाद तत्कालीन Prime Minister ने फैसला लिया था कि अनुसूचित जाति (एससी) से बौद्ध धर्म अपनाने वाले लोगों को एससी-एसटी आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा.

रामदास आठवले ने लोगों से अपील की कि जो लोग खुद को बौद्ध लिखते हैं, वे बौद्ध के साथ अपनी मूल जाति का भी उल्लेख करें.

पश्चिम बंगाल Government की मंत्री अग्निमित्रा पॉल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदास आठवले ने कहा कि India हमारी माता है और जो लोग India में रहते हैं, उन्हें India माता को ‘मां’ कहने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. हर भारतीय को India माता को मां कहना चाहिए.

केरल के नए Chief Minister वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण पर उन्होंने राहुल गांधी पर भी तंज कसा. रामदास आठवले ने कहा कि एक नाम तय करने में कांग्रेस को काफी समय लग गया. उन्होंने सवाल किया कि एक Chief Minister के नाम पर फैसला लेने में इतना वक्त क्यों लगा. हालांकि उन्होंने वीडी सतीशन को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि अगर उनके मंत्रालय के पास केरल से कोई प्रस्ताव आता है तो राजनीति से ऊपर उठकर ज्यादा से ज्यादा मदद की जाएगी.

वहीं नीट पेपर लीक मामले में राहुल गांधी द्वारा Prime Minister मोदी से माफी मांगने की बात पर रामदास आठवले ने असहमति जताई. उन्होंने कहा कि माफी मांगने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है. जो भी लोग इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए और उनके खिलाफ राजद्रोह जैसी कड़ी धाराएं लगनी चाहिए.

वीकेयू/एबीएम

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