बेंगलुरु में मोहन गौड़ा पर एफआईआर का मामला गरमाया, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने की केस वापस लेने की मांग

कर्नाटक, 7 अगस्त . कर्नाटक में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के राज्य संयोजक मोहन गौड़ा के खिलाफ Bengaluru के व्हाइटफील्ड Police स्टेशन में दर्ज First Information Report को लेकर विवाद गहरा गया है. समिति ने Police कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है. संगठन ने First Information Report को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि वह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगा और न्यायालय से न्याय मिलने का भरोसा है.
हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति का कहना है कि किसी विवादास्पद कार्यक्रम को रद्द करने के लिए Police को शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपना और अपनी आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. संगठन के अनुसार, जनहित में Police को याचिका देना या किसी कार्यक्रम के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना अपराध नहीं माना जा सकता.
समिति ने आरोप लगाया कि social media पर व्यक्त राय को “अफवाह” और “गलत सूचना” बताकर गैरजमानती धाराओं में मामला दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश है.
संगठन ने यह भी कहा कि हिंदू देवी-देवताओं, हिंदू धर्म और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने वाले कार्यक्रमों पर आपत्ति जताना पूरी तरह वैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया है. ऐसे मामलों में विरोध दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना गलत संदेश देता है.
दूसरी ओर, व्हाइटफील्ड Police स्टेशन में तैनात Policeकर्मी श्रीधर रेलेकर की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, social media मॉनिटरिंग के दौरान 1 अगस्त 2026 को मोहन गौड़ा के social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो और उससे संबंधित पोस्ट का संज्ञान लिया गया.
Police का आरोप है कि वीडियो में कुणाल कामरा के प्रस्तावित कॉमेडी शो को लेकर Police की कार्रवाई के संबंध में ऐसे दावे किए गए, जिनसे जनता में भ्रम फैल सकता था. साथ ही पोस्ट में यह भी कहा गया कि विरोध के बाद कार्यक्रम को व्हाइटफील्ड से कोरमंगला स्थानांतरित कर दिया गया.
Police का आरोप है कि social media के माध्यम से झूठी और भ्रामक जानकारी प्रसारित कर जनता में अफवाह फैलाने तथा किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से गलत सूचना देने का प्रयास किया गया. इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया है.
उधर, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने मांग की है कि मोहन गौड़ा के खिलाफ दर्ज First Information Report तत्काल वापस ली जाए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार बंद हो तथा राज्य Government और Police कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए.
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