कालेश्वरम मामले में Supreme Court के वकीलों से परामर्श करने के लिए बीआरएस टीम दिल्ली पहुंची

New Delhi/हैदराबाद, 20 अप्रैल . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के तीन सदस्यीय नेताओं का एक दल इस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में है. यह दल कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं और कांग्रेस में कथित रूप से शामिल हुए बीआरएस विधायकों की अयोग्यता से जुड़े मामलों में पार्टी की आगे की कार्रवाई पर कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करेगा.

तेलंगाना के पूर्व Chief Minister और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के निर्देश पर तीन सदस्यीय दल Monday को दिल्ली के लिए रवाना हुआ.

इस दल में विधानसभा में बीआरएस के उपनेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव, पूर्व सांसद विनोद कुमार, और राज्यसभा सदस्य वद्दीराजू रविचंद्र शामिल हैं.

वे दो अहम मामलों में पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए Supreme Court के वरिष्ठ वकीलों से मुलाकात करेंगे.

तेलंगाना हाईकोर्ट 22 अप्रैल को केसीआर, हरीश राव और दो अन्य द्वारा अलग-अलग दायर की गई रिट याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाने वाला है. इन याचिकाओं में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच करने वाले न्यायमूर्ति पीसी घोष आयोग की रिपोर्ट को रद्द करने और निरस्त करने के निर्देश देने की मांग की गई है.

केसीआर, हरीश राव, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पूर्व मुख्य सचिव एसके जोशी और सेवारत आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल ने रिपोर्ट को चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर की थीं.

याचिकाओं पर दलीलें सुनने के बाद, मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जीएम मोहिउद्दीन की पीठ ने पिछले महीने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. फैसला पहले 8 अप्रैल को सुनाया जाना था, लेकिन बाद में इसे 22 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

बीआरएस टीम हाईकोर्ट द्वारा पार्टी नेताओं की याचिकाओं को खारिज किए जाने की स्थिति में Supreme Court में अपील करने की संभावना पर Supreme Court के वकीलों से भी चर्चा करेगी.

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना (केएलआईएस), जिसे दुनिया की सबसे बड़ी बहुस्तरीय लिफ्ट सिंचाई परियोजना कहा जाता है. इसको तत्कालीन बीआरएस Government ने मई 2016 में शुरू किया था. इसके मुख्य घटक का उद्घाटन तत्कालीन Chief Minister केसीआर ने 2019 में किया था.

मार्च 2024 में कांग्रेस Government ने कालेश्वरम परियोजना के मेडिगड्डा, अन्नाराम और सुंडिला बांधों की योजना, डिजाइन, निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, संचालन और रखरखाव में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए Supreme Court के पूर्व न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया. आयोग ने 31 जुलाई, 2025 को तेलंगाना Government को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

आयोग ने कालेश्वरम परियोजना की योजना, क्रियान्वयन, समापन, संचालन और रखरखाव में अनियमितताओं के लिए केसीआर को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया. आयोग ने हरीश राव, तत्कालीन मुख्य सचिव जोशी और तत्कालीन Chief Minister सचिव स्मिता सभरवाल को भी दोषी पाया.

2024 में कथित तौर पर कांग्रेस में शामिल हुए 10 बीआरएस विधायकों की अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं से संबंधित मामले में हुए घटनाक्रम के मद्देनजर बीआरएस टीम की दिल्ली यात्रा का महत्व और भी बढ़ जाता है.

बीआरएस नेताओं ने तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें विधायकों की अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था. पिछले सप्ताह, उच्च न्यायालय ने विधायकों को 6 मई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था.

एमएस/

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