
विशाखापत्तनम, 26 अप्रैल . Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू Tuesday (28 अप्रैल) को विशाखापत्तनम में गूगल एआई डेटा सेंटर की आधारशिला रखेंगे.
अधिकारियों के अनुसार, गूगल इस परियोजना में 15 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है, जिससे यह India के इतिहास में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेशों में से एक बन जाएगा.
यह डेटा सेंटर थरलुवाड़ा, अदावीराम और रामबिल्ली क्षेत्रों में लगभग 600 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता 1 गीगावाट होगी.
Sunday को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार यह एआई डेटा सेंटर India के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा और आंध्र प्रदेश के प्रौद्योगिकी परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत करेगा.
इस अत्याधुनिक सुविधा के साथ विशाखापत्तनम एशिया के लिए एक प्रमुख एआई प्रवेश द्वार के रूप में उभरने और वैश्विक प्रौद्योगिकी मानचित्र पर अपना स्थायी स्थान सुरक्षित करने के लिए तैयार है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह प्रतिष्ठित परियोजना विशाखापत्तनम शहर को विश्व के अग्रणी प्रौद्योगिकी केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करेगी.
आगामी सबसी केबल कनेक्टिविटी सिस्टम के साथ विशाखापत्तनम जल्द ही कई देशों से सीधे डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा. यह डेटा सेंटर उन्नत एआई क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बड़े पैमाने पर डेटा भंडारण क्षमता प्रदान करेगा.
विशाखापत्तनम की तटीय स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय पनडुब्बी केबल लैंडिंग स्टेशन के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है.
अदाणी कॉनेक्स और एयरटेल एनएक्सट्रा जैसी कंपनियां इस परियोजना में भागीदार हैं. विज्ञप्ति में कहा गया है कि Government की दीर्घकालिक योजना राज्य भर में कुल 6.5 गीगावाट क्षमता वाला एक बहु-गीगावाट डिजिटल हब स्थापित करना है.
बुनियादी ढांचे के अलावा, गूगल डेटा सेंटर से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने की उम्मीद है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड संचालन, रखरखाव, साइबर सुरक्षा, क्लाउड आर्किटेक्चर और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां सृजित होने की संभावना है. डेटा सेंटरों से प्राप्त राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा.
गूगल एआई क्लाउड सेवाओं से विशाखापत्तनम के एशिया में एक प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरने की संभावना है. एआई-आधारित कंपनियां भी इस शहर को अपना गंतव्य स्थान चुन सकती हैं. आईटी स्टार्टअप, अनुसंधान केंद्र, क्लाउड कंपनियां और सेमीकंडक्टर कंपनियों के इस क्षेत्र में अपनी परिचालन स्थापित करने की उम्मीद है.
Government गूगल और अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा प्रस्तावित डेटा केंद्रों के लिए हरित ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर रही है. विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि वैश्विक कंपनियों के विशाखापत्तनम पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, आगामी भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी विश्व स्तरीय अवसंरचना शहर के वैश्विक आकर्षण को और मजबूत करेगी.
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एमएस/