
भागलपुर, 31 मई . Chief Minister सम्राट चौधरी Sunday को भागलपुर पहुंचे और विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती एवं पुनर्स्थापन कार्य कराने के निर्देश दिए.
सीएम सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य की समीक्षा भी की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें. उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापना कार्य 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा करें और वाहनों का परिचालन शुरू कराएं.
उन्होंने विक्रमशिला सेतु पर यातायात परिचालन से संबंधित पत्रकारों के प्रश्न पर कहा कि 30 जून तक हर हाल में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित हो जाएगा. क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से किया जा रहा है. Chief Minister ने कहा कि विक्रमशिला सेतु का निर्माण एजेंसी से पुनः अध्ययन कराया जाएगा ताकि सुपर स्ट्रक्चर विकसित किया जा सके. उन्होंने कहा कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू नहीं होता तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी.
बता दें कि इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से लाखों लोगों की परेशानी बढ़ गई है. Chief Minister ने भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारी एवं अन्य विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक भी की. बैठक में उन्होंने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना से संबंधित समीक्षा की.
उन्होंने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है, उसे पुनर्स्थापित करना है. सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने समीक्षा बैठक से पूर्व समाहरणालय परिसर में भागलपुर जिले के 203 करोड़ रुपए की लागत से 84 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन तथा 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है.
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एमएनपी/डीकेपी