यूट्यूबर मारिधास की गिरफ्तारी पर भाजपा का हमला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार बताया

चेन्नई, 8 जून . यूट्यूबर मारिधास की गिरफ्तारी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है. भाजपा ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है.

भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कोयंबटूर दक्षिण की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन ने Monday को मारिधास की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ टीवीके Government आलोचनात्मक आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक असहमति को कुचलने का प्रयास कर रही है.

मारिधास को मदुरै स्थित उनके आवास से Police ने गिरफ्तार किया. उन पर Chief Minister विजय, कई मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के विधायकों को निशाना बनाकर वीडियो पोस्ट करने का आरोप है. सत्तारूढ़ दल के नेताओं का दावा है कि यूट्यूबर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार सामग्री का उपयोग करते हुए Government के नेताओं के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां कीं.

गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने राज्य Government पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने का आरोप लगाया. social media पर जारी बयान में वानती श्रीनिवासन ने इस कार्रवाई को “बेहद निंदनीय” बताते हुए कहा कि यह Government की आलोचना के प्रति असहिष्णुता को दर्शाता है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मारिधास को केवल टीवीके Government के कामकाज पर सवाल उठाने और आलोचना करने के कारण गिरफ्तार किया गया. उन्होंने Government को “रील्स मॉडल Government” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में Government की कमियों और गलतियों को उजागर करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है.

वानती ने कहा कि आलोचकों को चुप कराने के लिए Police कार्रवाई और गिरफ्तारी का सहारा लेना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है. उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में Governmentों को आलोचना और सार्वजनिक समीक्षा के लिए हमेशा खुला रहना चाहिए.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान Government वही तरीके अपना रही है, जिनकी कभी विपक्षी दलों ने पूर्ववर्ती डीएमके शासन के दौरान आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि पहले भी Government की कथित विफलताओं को उजागर करने वाले लोगों और social media आलोचकों के खिलाफ दबाव और गिरफ्तारी की घटनाएं सामने आई थीं और अब वैसा ही माहौल दोबारा बनता दिखाई दे रहा है.

उन्होंने कहा कि किसी भी Government को आलोचनात्मक और असहमतिपूर्ण आवाजों को बलपूर्वक दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. यदि कोई आलोचना होती है तो उसका जवाब तथ्यों, स्पष्टीकरण और संवाद के माध्यम से दिया जाना चाहिए.

वानती श्रीनिवासन ने कहा, “आलोचना का जवाब गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि तर्क और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए.”

मारिधास की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु में सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी दलों के बीच Political टकराव और तेज होने की संभावना है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, social media पर आलोचना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका अब राज्य की राजनीति में प्रमुख बहस का विषय बन सकती है.

डीएससी

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